किसान निर्मल सिंह। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
सिंघु बॉर्डर पर चल रहे धरने से लौट रहे नाभा के गांव मंडौर के रहने वाले 40 साल के एक किसान की गुरुवार देर रात सड़क हादसे में मौत हो गई। साथी किसानों ने प्रदेश सरकार से परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और पांच लाख मुआवजा देने की मांग की है। इसके अलावा परिवार का तीन लाख रुपये का कर्ज भी माफ किया जाए।
नाभा के गांव मंडौर निवासी किसान निर्मल सिंह पिछले कई दिन पहले सिंघु बॉर्डर पर चल रहे धरने में गए थे। गुरुवार देर वह ट्रैक्टर-ट्राली पर साथियों संग वापस लौट रहे थे। निर्मल सिंह ट्रैक्टर-ट्राली पर आगे बैठे थे। पानीपत के नजदीक निर्मल सिंह की आंख लग गई और वह नीचे गिर गए। इससे वह गंभीर घायल हो गए। उन्हें पानीपत के निजी अस्पताल में ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल ले जाया जा रहा था।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। साथी किसानों का कहना है कि मृतक किसान निर्मल सिंह की 19 साल की बेटी और 17 साल का बेटा है। उसके पास केवल डेढ़ बीघा जमीन है और सिर पर तीन लाख रुपये का कर्ज भी चढ़ा है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि निर्मल सिंह के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और पांच लाख का मुआवजा दिया जाए।