एडिशनल जिला एवं सेशन जज गुरजंट सिंह की अदालत ने बहुचर्चित काकू हत्या
कांड में काउंसिलर के भाई समेत तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई
है।
इसके साथ ही उन्हें 12 -12 हज़ार रुपये जुर्माना अदा करने का
आदेश भी दिया गया है। इस हत्या मामले में आरोपी इकबाल सिंह मोहाली में नाम
बदल कर रह रहा था और उसे कुछ महीने पहले ही गिरफ्तार किया गया था।
यहां
मोहल्ला किशनपुरा में 17 अगस्त 2010 को सुखबीर सिंह उर्फ काकू गांव
लंढेके, की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जबकि रिंकी और अमनजीत निवासी चौक
सेखा वार्ला गंभीर रूप से घायल हो गए थे थाना सिटी साउथ पुलिस ने 17 अगस्त
2010 को हरदीप सिंह के बयानों पर हत्या का केस दर्ज किया था।
पुलिस ने इस
केस की जांच बाद स्थानीय काउंसिलर के भाई और कबाड़ का काम करते जतिंदर
कुमार उर्फ नीला, गुरजिंदर सिंह और हरजिंदर सिंह उर्फ सोनी को नामजद कर
गिरफ्तार कर लिया था जबकि दो अन्य नामजद आरोपी इकबाल सिंह गांव लंढेके और
चमन गाबा को अदालत ने भगोड़ा करार दे दिया था।
पुलिस जांच में यह बात
सामने आई थी कि जतिंदर कुमार उर्फ नीला को शक था कि उस पर जानलेवा हमला
करने में सुखबीर सिंह उर्फ काकू का हाथ है। इस रंजिश कर उसकी हत्या की गई।
इस मामले में भगोड़ा करार दिए आरोपी इकबाल सिंह को कुछ दिन पहले ही मोहाली
से गिरफ्तार किया था। वह नाम बदल कर रह रहा था।
इस मामले में अदालत ने
दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने और तथ्यों को पढ़ने बाद जतिंदर कुमार
उर्फ नीला, गुरजिंदर सिंह और हरजिंदर सिंह उर्फ सोनी को सुखबीर सिंह उर्फ
काकू की हत्या का आरोपी करार देते आजीवन कारावास की सजा और 12 -12 हज़ार
रुपए जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है।