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मां-बेटियों के शवों को देख बिलख पड़ा गांव सप्पांवाली

Thu, 09 Jul 2015 10:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अबोहर/फिरोजपुर
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डबवाली के गांव खुईयां मलकाना के पास भाखड़ा नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या करने वाली गांव की महिला व उसकी दो बेटियों के शव वीरवार को बाद दोपहर करीब 4 बजे जैसे ही गांव सप्पांवाली में पहुंचे तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
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मृतका बिमला रानी के घर पर मौजूद सैकड़ों महिला-पुरुष अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे। तीनों के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मृतका के ससुराल गांव भावदीन से भी कई लोग गांव सप्पांवाली में पहुंचे।

शाम को जैसे ही तीनों के शवों को श्मशान भूमि की ओर ले जाया जाने लगा तो उनके बिमला के परिजनों का करुण रुदन लोगाें का सीना चीर रहा था। गांव की शिवपुरी में दो नाबालिग बेटियों को रीति रिवाज से दफनाया गया जबकि बिमला देवी को मुखागिभन दी गई। गांव सप्पांवाली सहित आसपास के गांवों के लोगों ने भी बिमला की अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें सजल नेत्रों से अंतिम विदाई दी।
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मूलरूप से गांव सप्पांवाली निवासी तोताराम माली की बेटी बिमला देवी गांव भावदीन में विवाहित थी और अपने पति राजिंद्र कुमार से अनबन से तंग आकर उसने मंगलवार सुबह भाखड़ा नहर में अपनी दोनों बेटियों से कूद कर आत्महत्या कर ली थी। कल वीरवार को तीनों के शव बरामद हो गए। जिन्हें बाद दोपहर डबवाली से अबोहर के गांव सप्पांवाली लाया गया।
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