पटियाला से सांसद डा. धर्मवीर गांधी ने पंजाब निवेश सम्मेलन में किए समझौतों के तहत नए आ रहे उद्योगों को दी जाने वाली सुविधाएं पंजाब के संकटग्रस्त उद्योगों को भी देने की मांग की है।
डा. गांधी ने कहा कि बटाला, अमृतसर, लुधियाना और मंडी गोबिंदगढ़ के उद्योग गंभीर मंदी का शिकार हैं। पिछले समय दौरान बड़ी गिनती में उद्योग बंद हुए हैं व हजारों नौजवान बेरोजगार हुए हैं। सरकार इन उद्योगों को बचाने के लिए तो उचित प्रयास नहीं करती, लेकिन बड़े-बड़े कारपोरेट घरानों को 4.75 रुपये प्रति यूनिट बिजली और अन्य टैक्स रियायतों के साथ दे रही है।
पंजाब में निवेश आना अच्छी बात है, लेकिन बीमार उद्योगों को बचाना भी सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए। आगे कहा कि जहां बिजली के मामले में पंजाब के गरीब से गरीब खपतकार को सात रुपये प्रति यूनिट भरना पड़ रहा है, वहीं लाखों करोड़ के मालिक बड़े औद्योगिक घरानों को पांच रुपये यूनिट बिजली देना पंजाब के आम लोगों व बीमार उद्योगों के साथ पक्षपात ही नहीं, लूट व धक्केशाही भी है।