सुनाम में पत्रकारों से बातचीत करते वित्त मंत्री।
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पंजाब की आर्थिक हालत खराब होने संबंधी विरोधी दल झूठा प्रचार कर रहे हैं। यदि पंजाब की आर्थिक हालत बदतर होती तो राज्य में जन कल्याण की इतनी योजनाएं कैसे चलतीं और रिकार्ड विकास कैसे होता। उक्त बातें वित्त व योजना मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों से कहीं।
उन्होंने कहा कि कर्ज लेने के लिए केंद्र ने कायदे तय किए हुए हैं और केंद्र सरकार ही कर्ज लिमिट को मंजूरी देती है। कोई भी राज्य जीडीपी (कुल घरेलू सकल उत्पाद) के मुकाबले तीन फीसदी से ज्यादा कर्ज नहीं ले सकता है और पंजाब का कर्ज भी इसके दायरे में है। लिहाजा विरोधी दल तो केवल लोगों को गुमराह करने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।
एक सवाल के उत्तर में उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी तो केवल छलावा है। दिल्ली में व्यापारी से लेकर मुलाजिम वर्ग इस सरकार की नीतियों से बेहद दुखी है। वहां पांच लाख नौजवानों को रोजगार देने का दावा करने वाली यह पार्टी किसी को भी रोजगार नहीं दे सकी है। दिल्ली की जनता के पैसे को पंजाब में झूठे विज्ञापनों पर खर्च किया जा रहा है। जनता के पैसे की इस तरह बर्बादी क्या भ्रष्टाचार से कम है। इस मौके पर अकाली दल के नेता अमनवीर सिंह चैरी, अकाली दल के शहरी अध्यक्ष गुरचरण सिंह धालीवाल, रविंदर गोरखा, यादविंदर सिंह, मनिंदर सिंह लख्मीरवाला हाजिर थे।