आंकड़ों के मुताबिक पावरकाॅम को मंगलवार को रोपड़ व लहरा मुहब्बत थर्मलों से 1080 मेगावाट, राजपुरा, तलवंडी साबो व गोइंदवाल के थर्मलों से 3609 मेगावाट और अन्य स्रोतों से कुल 5092 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई, जबकि पंजाब में बिजली की मांग 7810 मेगावाट दर्ज की गई।
पंजाब में सोमवार के मुकाबले मंगलवार को एक ही दिन में बिजली की मांग में 600 मेगावाट से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सोमवार को बिजली की अधिकतम मांग जहां 7189 मेगावाट रही थी, वहीं मंगलवार को यह बढ़कर 7810 मेगावाट पहुंच गई। हालांकि कुछ राहत की बात यह रही कि रोपड़ थर्मल प्लांट का 210 मेगावाट का तकनीकी खराबी के चलते बंद पड़ा यूनिट मंगलवार को ठीक होने के बाद चला दिया गया।
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तलवंडी साबो में 5 और गोइंदवाल में 9 दिनों का कोयला शेष था
बावजूद इसके पावरकाॅम बिजली की इस मांग को अपने स्तर पर पूरी नहीं कर सका। बाहर से महंगी बिजली खरीदकर इस मांग को पूरा किया गया। मंगलवार को केवल लहरा मुहब्बत थर्मल प्लांट का एक ही एक यूनिट तकनीकी खराबी के चलते बंद रहा। बाकी सभी थर्मलों के यूनिट चालू हालत में रहे।
प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक पावरकाॅम को मंगलवार को रोपड़ व लहरा मुहब्बत थर्मलों से 1080 मेगावाट, राजपुरा, तलवंडी साबो व गोइंदवाल के थर्मलों से 3609 मेगावाट और अन्य स्रोतों से कुल 5092 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई, जबकि पंजाब में बिजली की मांग 7810 मेगावाट दर्ज की गई। ऐसे में पावरकाॅम को करीब 6.60 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बाहर से बिजली की खरीदनी पड़ी। उधर, निजी थर्मलों में कोयले के स्टाॅक में मंगलवार को भी कोई सुधार नहीं आया। राजपुरा प्लांट में 17 दिनों का, तलवंडी साबो में 5 और गोइंदवाल में 9 दिनों का कोयला शेष था।
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अधिकारी मांग को पूरा करने के पुख्ता प्रबंध होने के दावे कर रहे
पावरकाॅम अधिकारियों के मुताबिक तेज होती गर्मी के कारण लोगों के घरों में एसी पूरी क्षमता के साथ चलने लगे हैं, जिससे बिजली की मांग बढ़ रही है। आने वाले दिनों में जब धान का सीजन शुरू होगा, तो मांग और बढ़ेगी। हालांकि जा रहे हैं।