संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। पूर्व मंत्री प्रो. लक्ष्मीकांता चावला ने कहा कि राजनेता लाशों पर राजनीति न करें। पिछले सप्ताह बहुत दुखद घटनाएं हुईं। पहली घटना एडीजीपी हरियाणा का आत्महत्या करना और उसके ठीक आठ दिन बाद एएसआई रोहतक का जो साबइर क्राइम की ड्यूटी कर रहा है की आत्महत्या करने का मामला है। यह इतना दुखद प्रसंग है कि दो नौजवान मरने को मजबूर हुए। पता नहीं क्यों मर गए। पहले ऑफिसर स्टेटमेंट देकर गए लेकिन सवाल यह है कि ये घटनाएं दुखद हैं। पहली बार तो जो हमारे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का देहांत हुआ, उसका राजनेताओं को वह रंग दे दिया जिसने पूरे देश में जातिवाद को हवा दे दी। एक को दूसरे के विरुद्ध कर दिया। अब यह एएसआई का स्वर्गवास हुआ। यह देश का दुर्भाग्य है। क्या हमारे देश के राजनेताओं को इतना भी संवेदना नहीं, सहानुभूति नहीं कि उस परिवार की पीड़ा समझें जिनका बेटा, भाई चला गया।