पटियाला। अब बारिश के दौरान शहर की सड़कों, बाजारों और गली-मोहल्लों में जलभराव की समस्या नहीं होगी। इस साल बारिश के सीजन से पहले ही निगम ने नालों और सीवरेज लाइनों को साफ करने का काम शुरू कर दिया है। जून के पहले सप्ताह तक यह काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 3 करोड़ 41 लाख रुपये खर्च होंगे।
सीवरेज लाइनों को तीन चरणों में साफ किया जाएगा। पहले चरण में सरहिंद रोड से दीप नगर की अस्थाई सब्जी मंडी तक सीवरेज की सफाई की जाएगी। दूसरे चरण में अस्थाई सब्जी मंडी से अबलोवाल के सीवरेज ट्रीटमेंट तक सुपरसकर मशीन से सफाई की जाएगी। इसमें एक करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, तीसरे चरण में एसी मार्केट से कड़ाह वाला चौक तक की सीवरेज लाइन साफ की जाएगी। इसमें करीब 16 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके साथ ही लाहौरी गेट से काले मुंह वाले की बगीची तक के नाले को साफ किया जाएगा। इसमें 2 करोड़ 25 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है।
डेयरी शिफ्टिंग के बाद नहीं करने पड़ेगी नालों व सीवरेज की सफाई : मेयर
मेयर संजीव शर्मा बिट्टू ने कहा कि डेयरी शिफ्टिंग के बाद सीवरेज लाइनों और नालों की सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च नहीं करने पड़ेंगे। इन बचे हुए पैसों को शहर के विकास कार्य पर खर्च किया जाएगा। नालों या सीवरेज लाइनों में गाद जमने का महज एक ही कारण है और वह हैं डेयरी संचालक, जो अपनी डेयरी वेस्ट को नालों या सीवरेज लाइनों में बहाते हैं। पांच से दस हजार रुपये तक के चालान किए जाने के बावजूद डेयरी संचालक सीवरेज लाइनों और नाले में डेयरी वेस्ट गिराने से बाज नहीं आ रहे हैं। मेयर ने कहा कि निगम के अधिकार क्षेत्र से बाहर की कई कॉलोनियों का सीवरेज बिना निगम की अनुमति पंचायत विभाग ने निगम की सीवरेज लाइनों के साथ जोड़ दिया है। ऐसे विभागों को नोटिस जारी किया जा रहा है।