पटियाला। मुख्यमंत्री के अपने ही जिले के गांवों में मात्र सात दिनों में 41 मौतें हो चुकी है। यह कुल मौतों का करीब 40 फीसदी है। उधर, सेहत विभाग की ओर से इन मौतों का कारण ग्रामीणों को कोरोना के प्रति जागरूकता की कमी होना बता जा रहा है।
प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक पटियाला जिले में 17 मई से लेकर 23 मई तक कुल 107 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। इनमें से 41 मौतें ग्रामीण इलाकों और 66 शहरी इलाकों में हुईं है। वहीं इन सात दिनों में 2680 नए कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए। इनमें खास तौर से नाभा ब्लाक और कौली ब्लाक के गांव ज्यादा प्रभावित हैं। कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अब पिछले कुछ दिनों से आशा वर्करों की ओर से सर्वे किया जा रहा है। इस दौरान अब तक आशा वर्करों की ओर से छह लाख के करीब आबादी का सर्वे किया जा चुका है। जिसमें से 3358 कोविड लक्ष्णों वाले संदिग्ध व्यक्ति पाए गए थे, जिनकी कोविड जांच करने पर उनमें से अब तक 158 कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं। इनको जरूरत के अनुसार आइसोलेट किया जा रहा है।
इस संबंधी सिविल सर्जन डॉ. सतिंदर सिंह ने बताया कि गांवों के लोगों में कोरोना को लेकर फैली भ्रांतियां व अज्ञानता इसका मुख्य कारण है। उन्होंने कहा कि हालांकि अब जब कोविड से लगातार गांवों में मौतें हो रही हैं और नए पॉजिटिव केस आए हैं तो लोग जागरूक हुए हैं और डरे भी हैं।
उधर, सेहत विभाग की टीमों की ओर से जिले में अब तक कोविड जांच को छह लाख 44 हजार 874 सैंपल लिए जा चुके हैं, जिनमें से 45458 कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं और करीब 1986 की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है।