समाना के भवानीगढ़ रोड स्थित सिद्धू राइस मिल के मालिक कमलजीत सिंह सिद्धू, उसकी पत्नी कुलदीप कौर और लड़के विक्रमजीत सिंह की ओर से फंदे पर झूलने के मामले ने शुक्रवार को नया मोड़ ले लिया।
मृतकों के घर के ताले तोड़ कर कमरों की तलाशी लेने पर एक कमरे की दीवार पर बडे़-बडे़ लाल अक्षरों में एक ओर सुसाइड नोट लिखा पाया गया। इसमें पुलिस को भी कटघरे में खड़ा किया गया है और पुलिस के मुलाजिम का नाम लिख कर उसे भी मौत के लिए जिम्मेवार ठहराया गया है।
आरोप है कि शैलर मालिक के अपने भाई के साथ पैसों के विवाद में उक्त पुलिस मुलाजिम ने जांच के दौरान सही ढंग से भूमिका नहीं निभाई। इससे पूर्व भी पुलिस को फंदा लगाने वाले स्थान से शैलर मालिक के लड़के की जेब से सुसाइड नोट मिला था। इसमें मृतकों ने अपनी मौत के लिए कुछ नजदीकी रिश्तेदारों को जिम्मेवार ठहराया था।
मृतकों के वारिस गुरबाज सिंह ने कमरे का खौफनाक मंजर देख कर उसकी सूचना मीडिया से जुड़े कुछ लोगों को दी। घटना की सूचना पुलिस को मिलने पर सदर थाना इंचार्ज दलजीत सिंह विर्क ने पुलिस पार्टी सहित मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया।
एसएसपी हरदियाल सिंह मान को लिखे सुसाइड नोट में शैलर मालिक समेत उसकी पत्नी, लड़के ने अपनी मौत के लिए हरजीत सिंह, हरविन्द्र सिंह बब्बु, जसकरण सिंह, बलजीत कौर, कुलदीप कौर, मनप्रीत कौर, गुरदीप कौर के साथ पुलिस के एक मुलाजिम को जिम्मेवार बताया है।
मृतक विक्रमजीत सिंह ने अपनी चाची गोविंद कौर पत्नी जोगिन्द्र सिंह निवासी राघोमाजरा के नाम पर लिखे पत्र में अपने गांव कमालपुर स्थित सात कनाल 11 मरले जमीन को अपने गांव के गुरु घर और घर के सामान को भी गुरु घर को देने की इच्छा जाहिर की है।
एसपी (डी) जसकरण पाल सिंह तेजा ने कहा कि उक्त पुलिस मुलाजिम की भूमिका पैसों के विवाद वाले मामले में संदिग्ध नहीं थी। इसलिए उसे नामजद नहीं किया जाएगा।