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महाराष्ट्र के प्याज को टक्कर देने की तैयारी फतेहगढ़ साहिब

Sat, 02 Apr 2016 09:49 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, फतेहगढ़ साहिब
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फतेहगढ़ साहिब के गांव बधौछी में प्याज के खेती दिखाते किसान चूहड़ सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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जिले के किसानों ने इस बार एक हजार एकड़ से अधिक में प्याज की खेती की है। फसली चक्कर से किनारा करते हुए किसानों ने जहां गेहूं और धान से थोड़ी दूरी बनाई हैं वहीं कम पानी की लागत से तैयार होने वाली प्याज की फसल को तरजीह देकर ज्यादातर महाराष्ट्र से आने वाले प्याज को चुनौती दे दी है। किसानों ने बड़ी तादाद में प्याज की खेती कर जहां पिछले साल आए प्याज के संकट से निपटने की तैयारी की है। 
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फतेहगढ़ साहिब में यह पहली बार हुआ है कि किसानों ने इतनी बड़े स्तर पर प्याज की खेती की हो। प्याज की फसल से जहां अन्य फसलों से ज्यादा मुनाफा होता है, वहीं इस पर पानी लागत भी कम आती है। प्याज की खेती करने वाले गांव बधौछी निवासी चूहड़ सिंह, नरिंदर सिंह, तेजिंदर सिंह और बालपुर गांव के मनप्रीत सिंह ने बताया कि प्याज की फसल से उन्हें दूसरी फसलों से ज्यादा मुनाफा होता है, वहीं इसमें झंझट भी कम करना पड़ता है। यह फसल तीन माह में तैयार हो जाती है जबकि गेहूं और धान को ज्यादा समय व पानी भी देना पड़ता है।

प्याज की शुरुआत में पानी की लागत कम होती है और पकने के समय पांच बार ही पानी देना पड़ता है। प्रति एकड़ से डेढ़ से 2 लाख की पैदावार होती है और बीज से आमदन ढाई लाख तक पहुंच जाती है। इसके अलावा अकेले बीज से भी किसान लाखों रुपया कमा रहे हैं। मनप्रीत सिंह ने बताया कि उसने पहली बार छह एकड़ में प्याज की खेती की है। अगर इस बार प्याज से ज्यादा मुनाफा हुआ तो अगले समय में प्याज की खेती ही करेंगे। वहीं जिला के बागवानी विभाग के डिप्टी डायरेक्टर स्वर्ण सिंह मान ने बताया कि पिछले साल जिले में किसानों ने 300 हेक्टेयर में प्याज की खेती की थी। इस बार 415 हेक्टेयर हो गया है, जिससे 11051 मीट्रिक टन प्याज की पैदावार होने की संभावना है। प्याज साल में जुलाई और अक्तूबर में लगाया जाता है। एक एकड़ में 140 से 150 क्विंटल प्याज की पैदावार होती है, जिससे किसानों को प्रति एकड़ से 1.50 लाख रुपये की आमदन होती है। वहीं सरकार किसानों को प्याज स्टोर करने के लिए बनाए जाने वाले थेचर हॉउस पर 50 फीसदी सब्सिडी दे रही। 
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