पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों पर जिले के गांवों में आशा वर्करों की ओर से कराया गया 12 लाख से ज्यादा की आबादी का सर्वे रविवार को समाप्त कर लिया गया। इस दौरान 300 से ज्यादा कोविड संक्रमित पाए गए और इनमें से आठ की मौत हो चुकी है। सिविल सर्जन डा. सतिंदर सिंह ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने माना कि गांवों के लोग अब कोरोना महामारी को लेकर काफी हद तक जागरूक हो चुके हैं और सेहत विभाग को पूरा सहयोग कर रहे हैं।
आंकड़ों के मुताबिक पटियाला में 1052 गांव हैं, जिनमें 12 लाख एक हजार 670 की आबादी है। दूसरी लहर में जैसे ही गांवों में कोरोना तेजी से फैला और बड़ी गिनती में ग्रामीणों की मौतों के मामले सामने आने लगे, तभी पंजाब सरकार ने सेहत विभाग को दिशा-निर्देश जारी करके आशा वर्करों की मदद से घर-घर गांवों में सर्वे कर कोविड संदिग्धों का पता लगाने को कहा था। जिस पर अमल करते हुए 19 मई से सर्वे का काम शुरू कर लिया गया था। जिले की 1142 आशा वर्करों ने आंगनबाड़ी वर्करों व एएनएम की मदद से गांव-गांव जाकर सर्वे का काम शुरू किया। इस दौरान आशा वर्करों ने 5878 कोविड के संदिग्ध मरीज ढूंढ निकाले। जिन्हें बुखार, खांसी व जुकाम की शिकायत थी। इन सभी संदिग्धों की सैंपलिंग की गई। जिसके बाद 303 ग्रामीण कोविड पॉजिटिव पाए गए। सिविल सर्जन ने बताया कि इन संक्रमितों में से जिनकी हालत ठीक थी, उन्हें होम आइसोलेट किया गया, जबकि बाकी को अस्पतालों में दाखिल कराया गया। इन संक्रमितों में से अब तक आठ की मौत हो चुकी है। सीएमओ ने बताया कि जरूरत पड़ी तो गांवों में दोबारा से फिर सर्वे कराया जाएगा, ताकि कोरोना किसी भी हालत में ग्रामीण इलाकों में न फैल सके।ं