नवजोत सिंह सिद्धू और नवजोत कौर सिद्धू।
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पूर्व विधायक नवजोत कौर सिद्धू ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि सरकारी वैक्सीन प्राइवेट अस्पतालों को मुनाफे में बेचकर कैप्टन सरकार ने बहुत गलत कदम उठाया है। अगर सरकार को मुनाफा कमाना था तो शराब व खनन से कमा सकती थी। पंजाब तभी खुशहाल होगा, जब हर नौजवान को रोजगार मिलेगा। प्रदेश में बेरोजगार टीचर रोजगार के लिए सड़कों पर भटक रहे हैं और डॉक्टरों को तनख्वाह नहीं मिल रही हैं।
उन्होंने कहा कि पूरे पंजाब में कोई नियम कायदा नहीं है। पटियाला नगर निगम तो सबसे ज्यादा भ्रष्ट साबित हुआ है। इसका प्रमाण पटियाला में बीते दिनों एक अवैध इमारत के लेंटर के गिरने से मिलता है। उन्होंने सवाल उठाया कि नक्शे पास कराए बगैर निर्माण कैसे हो रहे हैं। बिल्डिंग इंस्पेक्टर अपने इलाकों में अवैध निर्माण पर नजर क्यों नहीं रख रहे हैं।
लोगों को मिलने पर होती है तकलीफ
पटियाला के सन्नौर हलके से चुनाव लड़ने की अटकलों के बारे में उन्होंने कहा कि वह जब भी प्रदेश के किसी भी हिस्से खासकर पटियाला में आकर लोगों से मिलती हैं तो तकलीफ हो जाती है। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है। वह केवल पंजाब के लोगों की सेवा करना चाहती हैं।
2004 के बाद एक भी पैसा इलाज के लिए सरकार से नहीं लिया
उन्होंने कहा कि 2004 के बाद दो बार उनके पति सिद्धू गंभीर रूप से बीमार पड़ चुके हैं लेकिन कभी भी सरकारी फंड नहीं लिया। अपने खर्चे पर इलाज कराया है। शायद आज तक ऐसा किसी राजनेता ने नहीं किया है। इस मौके उन्होंने पंजाब में जंगलों के घटते रकबे और गऊचर जमीन पर हुए कब्जों पर चिंता जताते हुए सरकार से इस दिशा में कदम उठाने की मांग की।