जुल्कां थाने के गांव हाजीपुर के युवक बलदेव सिंह की हत्या हुई है और उसका गला घोंटा गया है। यह खुलासा बलदेव सिंह की पोस्टमार्टम से हुआ है।
पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। अभी तक पुलिस इसे प्राकृतिक मौत ही मान रही थी।
यहां सवाल पैदा होता है कि पुलिस को मृतक बलदेव सिंह के गले पर निशान क्यों नहीं दिखे।
थाना जुल्कां के इंचार्ज इंस्पेक्टर भुपिंदर सिंह ने बताया कि पांच नवंबर की रात को खाना खाने के बाद बलदेव सिंह उर्फ पग्गी (35) निवासी गांव हाजीपुर घर से बाहर गया था। देर रात तक जब वह वापस न लौटा, तो परिजनों ने तलाश शुरू की।
छह नवंबर को तड़के बलदंव सिंह की लाश गांव के पास रोड से मिली थी। पुलिस ने इसे प्राकृतिक मौत का मामला मान कर धारा 174 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई कर दी थी, लेकिन बाद में बलदेव सिंह की पोस्टमार्टम से खुलासा हुआ कि बलदेव सिंह की हत्या हुई है और उसका गला घोंटा गया है।
गला घोंटने के बाद हत्यारों ने लाश को रोड पर फेंक दिया। इस खुलासे के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक यह कोई पुरानी रंजिश का मामला लगता है, जिसके कारण बलदेव सिंह की हत्या की गई है। हत्यारों की तलाश जारी है।