संभावित बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन एवं फौज के अधिकारियों ने माइक्रो प्लान तैयार किया है। इस बाबत बुधवार को डिप्टी कमिशनर दफ्तर के कमरा नंबर 220 में फ्लड कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। यह 24 घंटे खुला रहेगा, जिसके लिए एक टेलीफोन नंबर 01763-232838 दिया गया है।
बैठक में डीसी कमलदीप सिंह संघा ने ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए कि वह गांवों की लिंक सड़कों और प्रमुख सड़कों के नीचे से गुजरती पुलियों की पूरी तरह सफाई करवाएं। एसडीएम को निर्देश दिए कि बाढ़ की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए वह फौज के संबंधित अधिकारियों, पुलिस से बेहतर तालमेल और संचार व्यवस्था का होना लाजमी किया जाए।
डीसी ने बताया कि बाढ़ कंट्रोल रूम से अलग-अलग विभागों द्वारा बाढ़ कंट्रोल संबंधी रिपोर्ट हासिल की जा सकती है। इसके अलावा सब डिवीजन स्तर पर भी बाढ़ कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं और किश्तियों, लाइफ जैकेट, पंप सैट और तिरपालों के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
खुराक और सप्लाई कंट्रोलर की तरफ से खाने-पीने की सामग्री, मिट्टी का तेल, पेट्रोल और गैस सिलेंडरों का प्रबंध भी किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस विभाग की ओर से भी अलग से बाढ़ कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है जिस का नंबर 223100, 509691 और मोबाइल नंबर 85588-18163 है।
डीसी ने पुलिस अधिकारियों को कहा कि जिले में पड़तीं सभी ड्रेनों और नहरों पर गश्त बढ़ाई जाए और गोताखोरों की शिनाख्त करके सूची भेजी जाए।
बैठक में एसडीएम पूजा सयाल ग्रेवाल, एसडीए. बस्सी पठाना सुखदेव सिंह माहल, एसडीएम खमाणों अरीना दुग्गल, सहायक कमिश्नर (जनरल) सोनम चौधरी, फौज के लेफ्टिनेंट अखिल यादव, डीएसपी हरदविंदर सिंह संधू, जिला विकास पंचायत अफसर अमरीक सिंह संधू, एसडीओ ड्रेनेज दरबारा सिंह, सूबेदार तिलक राज उपस्थित थे।