गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहब के भाई गुरमुख सिंह सभा हॉल में 10 नवंबर को
होने वाले सरबत खालसा के लिए अकाली दल पंच प्रधानी, दल खालसा की सहमति के
लिए बैठक बुलाई गई।
चार घंटे चली बैठक मतभेदों की भेंट चढ़ गई।
अगले दिनों में मीटिंगों का सिलसिला इसी तरह जारी रहेगा। शिरोमणी अकाली दल
अमृतसर के प्रधान सिमरनजीत सिंह मान, खालसा एक्शन कमेटी के कनवीनर भाई
मोहकम सिंह, यूनाइटेड अकाली दल के भाई गुरदीप सिंह बठिंडा, सूरत सिंह खालसा
के बेटे रविंदर सिंह गोगी, दमदमी टकसाल के भाई अमरीक सिंह अजनाला, बीबी
प्रीतम कौर के अलावा विभिन्न सिख संगठनों के प्रतिनिधियों ने बेअदबी को कौम
का मसला बताया।
सिमरनजीत सिंह मान ने माना कि पंच प्रधानी और दल
खालसा के सरबत खालसा बुलाने को लेकर मतभेद हैं जो आने वाले दिनों में दूर
हो जाएंगे। इसके लिए शुक्रवार को भी मीटिंग बुलाई गई है। उन्होंने बताया कि
सरबत खालसा में अमेरिका, कनाडा, यूरोप और इंग्लैंड समेत विदेशों से भी सिख
संगत बड़ी संख्या में शमूलियत करेगी।
वहीं पंच प्रधानी के भाई हरपाल
सिंह चीमा और बलदेव सिंह सिरसा ने कहा कि सरबत खालसा पर उन्हें सैद्धांतिक
एतराज हैं, क्योंकि सरबत खालसा में लोगों की संख्या दिखाई जा रही है। जबकि
ऐसा नहीं होना चाहिए। लोगों की इच्छा शक्ति को किसी विधि के मुताबिक प्रकट
करके मान्यता मिलने को सरबत खालसा कहा जाता है।
इस मौके पर खालसा
एक्शन कमेटी के कनवीनर भाई मोहकम सिंह ने कहा कि पंजाब में अलग-अलग स्थानों
पर हुई श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के असली दोषियों को गिरफ्तार करने
तक पंजाब सरकार के मंत्री अपनी गाड़ियों की लाल बत्तियां उतारकर अपनी
गाड़ियों में रख लें। इस मौके पर प्रो. महेन्दरपाल सिंह, रेशम सिंह, परमजीत
सिंह, गुरभेज सिंह यू.एस.ए, मनधीर सिंह मंझपुर, सिक्ख फेडरेशन के बलवंत
सिंह गोपाला, सिख मिशनरी के जसपाल सिंह, जसकरन सिंह काहन सिंह वाला, गुरनाम
सिंह चंडीगढ़, बुद्धिजीवी करमजीत सिंह, रणदेव सिंह देबी, शिंगारा सिंह
बडला, रणजीत सिंह चीमा, हरमिन्दर सिंह दिल्ली और गुरजंट सिंह उपस्थित थे।