जिले के करीब 25 गांवों के लोगों ने मनरेगा के तहत पिछले कई माह से काम न मिलने के रोष स्वरूप सोमवार को जिला मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
इस रोष धरने में गांव लटौर, खरोड़ा, पंजोली कलां, रयौणा उच्चां, जलवेड़ा, नबीपुर, मूलेपुर, भट्टमाजरा, हल्लोताली, जागो, चनराथल, बागड़ियां, झिंजरा, धतौंदा, राजिंदर नगर, चणो, नौलक्खा, सराना, नलीनी, नलीनी कलां, नरायणपुर, चौरवाला, मानूपुर, मंडोफल, सद्दोमाजरा, धीरपुर, मट्ठी, बोरां, कोटलां भाईका, अनायतपुरा, भैरोंपुर, बलाड़ी खुर्द और पीर जैन के ग्रामीण शामिल थे।
धरने को कांग्रेसी विधायक कुलजीत सिंह नागरा ने भी संबोधित किया और मनरेगा कर्मियों की मांग पूरी न होने तक उनका साथ देने का भरोसा दिया। मनरेगा कर्मियों ने सरकार से मांग की कि साल 2016-17 के लिए उन्हें 100 दिन का रोजगार दिया जाए क्योंकि साल 2015-16 में बार-बार काम मांगने पर उन्हें काम नहीं दिया गया और मनरेगा कानून के तहत उन्हें बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। महंगाई के दौर में उनकी दिहाड़ी 400 रुपये की जाए, दिहाड़ी में प्रयोग होने वाले औजार, जूते, फर्स्ट एड किट, पानी के कूलर आदि की जरूरत पूरी की जाए।
मनरेगा मजदूरों को सरपंच के चंगुल से निकाला जाए। इसके बाद एडीसी (विकास) को प्रधानमंत्री के नाम मांगपत्र दिया गया। इस मौके पर बलविंदर सिंह मावी, भूपिंदर बधौछी, दविंदर भट्टी, जगप्रीत सिंह, प्रगट सिंह, दविन्दर कौर, मनजीत कौर, हरजीत कौर, नछत्तर कौर, राम प्यारी, जगदीश कौर, स्वर्ण कौर, निर्मला देवी और मनप्रीत कौर उपस्थित रहीं।