मालेरकोटला में ढोल बजाकर और लड्डू बांटकर खुशी व्यक्त करते हुए उद्योगपति मोहम्मद गुलजार।
- फोटो : अमर उजाला
कभी आपने सुना है कि लूटपाट की एफआईआर दर्ज होने पर बाजारों में लड्डू बांटकर और ढोल बजाकर लोगों को दर्ज मामले की जानकारी दी गई हो। मालेरकोटला के इतिहास में पहली बार एफआईआर दर्ज होने की ऐसी अनूठी खुशी देखने को मिली।
मामले में खास बात यह है कि पीड़ित शख्स पिछले तीन महीनों से करीब 77 हजार रुपये के सामान की लूट की शिकायत लेकर पुलिस थाने के चक्कर लगा रहा था किंतु इंसाफ न मिलने से उसने सूबे के डीजीपी सुरेश अरोड़ा से दखल मांगा था। डीजीपी के आदेश पर वीरवार को मालेरकोटला पुलिस ने दो दुकानदारों सहित 12 लोगों पर मामला दर्ज कर लिया ।
शुक्रवार को पीड़ित लघु उद्योगपति मोहम्मद गुलजार ने जिस बाजार में उसका कारोबारी सामान लूटा गया था वहीं पहुंचकर जमकर ढोल बजाया और दुकानदारों को लड्डू बांटे । मो. गुलजार ने बताया कि वह जमालपुरा बस्ती में लोहे के तवे का लघु उद्योगपति है। 25 मई को उसने अमजद ट्रेडिंग कंपनी से 1464 किलो लोहे के तवे खरीदे थे जिन्हें पिकअप गाड़ी में लाते समय रास्ते में लोहा बाजार के दुकानदारों नितिन जैन जिम्मी और लक्की संगल वाले ने अपने दस साथियों के साथ घेर लिया।
ड्राइवर की पिटाई करके करीब 77 हजार रुपये का सामान लूटकर ड्राइवर से जबरन खाली कागजात पर हस्ताक्षर करवा लिए। गुलजार ने बताया कि 25 मई से वह लगातार पुलिस थाने के चक्कर लगा रहा है। लोहा बाजार के अन्य दुकानदारों और चश्मदीदों ने भी पुलिस को लिखकर दे दिया कि वारदात सच है, लेकिन पुलिस ने खामोशी का सहारा ले लिया और फाइल ठंडे बस्ते में डाल दी गई ।
इस पर पीड़ित चंडीगढ़ में डीजीपी सुरेश अरोड़ा से मिला और न्याय मांगा तो डीजीपी के आदेश पर आरोपी नितिन जैन, लक्की और 10 अज्ञात लोगों पर घेरकर हमला करने, लूटपाट करने और जान से मारने की धमकी की धाराओं का मामला दर्ज कर लिया गया। अब चुंकि लोहा बाजार में उसके साथ ऐसा हुआ था इसलिए पीड़ित ने एफआईआर दर्ज होने की सूचना ढोल बजाकर और लड्डू बांटकर दुकानदारों को दी गई ।