पटियाला। प्रशासन के दावों के विपरीत जिले की मंडियों में इस समय बड़ी मात्रा में बिका धान लिफ्टिंग के इंतजार में पड़ा है।
उधर, अभी तक खरीद के काम में भी उतनी तेजी नहीं आ पाई है। सरकारी एजेंसियां नमी का बहाना धान नहीं उठा रहीं हैं।
जिससे किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री सुरजीत सिंह रखडा ने शुक्रवार को पटियाला की अनाज मंडी का दौरा किया और खरीद प्रबंधों पर तसल्ली जताई।
जानकारी के अनुसार मंडियों में धान की सरकारी खरीद एक अक्तूबर से शुरू हो चुकी है।
आंकड़ों के मुताबिक मंडियों में अब तक 18 हजार 641 टन धान की आवक हुई है, जबकि इसमें बिका 14,921 टन धान है। इसमें सरकारी खरीद प्राइवेट की तुलना में कम है।
कुल बिके धान में से सरकारी खरीद 7006 टन है, जबकि प्राइवेट खरीद 7 हजार 915 टन है। जिससे किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धान की बिक्री के लिए किसान मंडियों में भटकने के लिए मजबूर है।
बिके माल की लिफ्टिंग भी तुरंत नहीं हो रही है। अभी भी मंडियों में 3254 टन बिका धान लिफ्टिंग के इंतजार में पड़ा है। अभी तो धान की आवक मंडियों में कुछ कम है। लेकिन आने वाले दिनों में जब मंडियों में धान की आवक बढ़ेगी, तो ऐसे में बिके माल की लिफ्टिंग न होने से आवक प्रभावित हो सकती है। जिससे किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
मंडी में धान बेचने आए किसान सुरजीत सिंह ने कहा कि वह पिछले दो दिनों से मंडी में अपनी फसलें लेकर आया है, लेकिन अभी तकउसकी फसलें नहीं खरीदी गईं। नमी का बहाना लगाकर सरकार खरीदने से भाग रही है। उधर, आज कैबिनेट मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा पटियाला की अनाज मंडी पहुंचे और खरीद प्रबंधों पर संतुष्टी जताई।