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मानसून, गरमी और कोयले ने बढ़ाया बिजली संकट

Fri, 11 Jul 2014 10:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
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पंजाब में बिजली का संकट लगातार गहराता जा रहा है। एक तरफ मानसून में देरी, ऊपर से भीषण गरमी और करोड़ों की लागत से स्थापित प्राइवेट प्लांटों में कोयले का संकट, तीनों से दिक्कत बढ़ती जा रही है। तलवंडी साबो का थर्मल प्लांट ट्रायल आपरेशन सफल रहने के बावजूद बंद है, वहीं राजपुरा थर्मल के दोनों यूनिट अपनी क्षमता से आधी से भी कम बिजली दे पा रहे हैं।
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अब भाखड़ा व पौंग डैमों में पानी का स्तर गिरने से भाखड़ा डैम से भी बिजली सप्लाई काफी कम रह गई है। बिजली की उपलब्धता कम रहने से शुक्रवार को किसानों से लेकर आम उपभोक्ताओं तक को लंबे कटों का सामना करना पड़ा।


पावरकॉम के अपने थर्मल प्लांटों में तो पिछले कई महीनों से कोयले का संकट बना ही है। लेकिन अब करोड़ों की लागत से स्थापित प्राइवेट थर्मल प्लांटों तलवंडी साबो और राजपुरा में भी कोयले का संकट गहरा गया है। जबकि इन्हीं प्लांटों के बलबूते डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल पंजाब के पावर सरप्लस बनने के दावे कर रहे थे। 10 हजार करोड़ की लागत से स्थापित तलवंडी साबो प्लांट का ट्रायल आपरेशन तो सफल हो गया है, लेकिन उड़ीसा के महानदी ब्लॉक से अब तक इस प्लांट को कोयले की सप्लाई नहीं हुई है। वहीं 8 हजार करोड़ की लागत से राजपुरा में स्थापित थर्मल के 1400 मेगावाट के दोनों यूनिट आधी से भी कम यानी 500 मेगावाट बिजली ही दे पा रहे हैं।
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डैमों में गिरा पानी का स्तर
भाखड़ा और पौंग डैमों में पानी का स्तर नीचे गिरने से सूबे को तीसरा बड़ा झटका लगा है। भाखड़ा में पिछले साल के 1630 फुट के मुकाबले शुक्रवार को पानी का लेवल 1614 फुट है, वहीं पौंग डैम में पिछले साल के 1341 फुट पानी के स्तर के मुकाबले 1315 फुट पानी है। पानी का स्तर गिरने से भाखड़ा डैम से पिछले साल के मुकाबले पंजाब को बिजली की सप्लाई 45 लाख यूनिट कम रह गई है। पिछले साल जहां भाखड़ा डैम से आज के दिन 135 लाख यूनिट बिजली मिली थी, वहीं शुक्रवार को 90 लाख यूनिट ही मिल पाई। पावरकॉम के लहरां मोहब्बत प्लांट का एक यूनिट अभी भी तकनीकी खराबी के चलते बंद पड़ा है। शुक्रवार को पंजाब में बिजली की डिमांड 11000 मेगावाट रहीं, वहीं इसके मुकाबले उपलब्धता केवल 8800 मेगावाट ही रही।
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पटियाला में कटों की स्थिति
गांव - आठ घंटे तक के कट
शहर - पांच घंटे तक के कट
किसानों को मुश्किल से चार से पांच घंटे ही बिजली मिली 
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