सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने जाली कागजात के आधार पर लाखों का लोन पास कराने के
मामले में दोषी पाए जाने पर अमृतसर के पंजाब नेशनल बैंक ब्रांच मेवा मंडी
के मैनेजर, डिप्टी मैनेजर समेत दो और लोगों को तीन-तीन साल की कैद और
जुर्माने की सजा सुनाई है
जानकारी के अनुसार वर्ष 2005 में अमृतसर में पंजाब नेशनल बैंक मेवा मंडी ब्रांच के मैनेजर एसएम शर्मा, डिप्टी मैनेजर विनोद कुमार ने आत्मा राम और हरप्रीत नारंग के साथ मिलीभगत करके जाली कागजात के आधार पर 15 लाख का लोन पास कराया था।
मामला सामने आने पर जांच सीबीआई को सौंपी गई। चारों के खिलाफ सीबीआई ने साजिश रचने, धोखाधड़ी करने और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के बाद बुधवार को सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने बैंक अधिकारियों समेत बाकी दोनों लोगों को भी दोषी पाया।
इसके आधार पर मैनेजर व डिप्टी मैनेजर को तीन-तीन साल की कैद और 16-16 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई गई। बाकी दोनों आरोपियों को तीन-तीन साल कैद और आठ-आठ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।