शिअद ने अमृतसर में 10 नवंबर को बुलाए सरबत खालसा को सिरे से रद्द कर दिया और लोगों को पंथ विरोधी ताकतों से सचेत रहने का आह्वान किया है। इस संबंधी प्रस्ताव शनिवार को पटियाला में अकाली दल के देहाती प्रधान दीपइंद्र सिंह ढिल्लों की अगुवाई में गुरुद्वारा श्री दुखनिवारण साहिब में हुई बैठक में पास किया गया।
शिअद की लीडरशिप व वर्करों ने पास किए प्रस्ताव में कहा कि जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब के अलावा अन्य किसी को भी सरबत खालसा बुलाने का हक नहीं है। यह कुछ पंथ विरोधी ताकतों की ओर से सियासी रोटियां सेंकने के लिए बुलाया यह निजी समागम होगा। यह पंजाब की अमन व शांति को नुकसान पहुंचाने की चाल है।
इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत में रखड़ा ने कहा कि जो सिरसा डेरा के खिलाफ श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से फरमान जारी किया हुआ है, अकाली दल उस हुक्मनामे पर अटल है। डेरा प्रेमियों के साथ कोई भी सांझ न रखना भी इस हुक्मनामे के अधीन ही है।
हाल ही में अकाली लीडरों की ओर से पार्टी या ओहदों से इस्तीफे देने संबंधी आ रहे बयान निराधार हैं और अब तक पार्टी प्रधान के पास कोई भी लीडर का इस्तीफा नहीं पहुंचा है।