मांगों को लेकर केंद्र सरकार के अड़ियल रवैये से गुस्साए ज्वेलरों, स्वर्णकारों ने अपनी हड़ताल 10 अप्रैल तक बढ़ा दी है।
ज्वेलरों ने चेतावनी दी है कि अगर फिर भी उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो बड़े स्तर पर रैलियां व धरने दिए जाएंगे जिसके गंभीर परिणामों की जिम्मेदार केंद्र सरकार खुद होगी। सोमवार को ज्वेलरों, स्वर्णकारों ने स्थानीय जैन धर्मशाला सोढ़ियां वाला घेर में एक बैठक की। इसमें केंद्र सरकार की ओर से ब्रांडेड व नान ब्रांडेड ज्वेलरी पर लगाई एक्साइज ड्यूटी और दो लाख से अधिक की ज्वेलरी की खरीदने करने वाले ग्राहक से पैन कार्ड लेना जरूरी करने का विरोध किया गया।
सराफा वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान मनोज सिंगला, स्वर्णकार एसोसिएशन के प्रधान सतपाल वर्मा, स्वर्णकार संघ के प्रधान भीम सेन आदि ने कहा कि टैक्सों के विरोध में ज्वेलरों द्वारा दिल्ली में की गई महारैली से भी केंद्र सरकार के कानों पर जूं नहीं रेंगी है। इससे ज्वेलर हताश हैं। सरकार की ओर से लगाई एक्साइज ड्यूटी व टैक्सों से ज्वेलरों का व्यापार बर्बाद हो जाएगा। पहले ही सोने के महंगा होने के कारण व्यापार मंदी में चल रहा है। इस मौके पर हड़ताल को 10 अप्रैल तक बढ़ाने का ऐलान किया गया।