जिला अदालत ने इरादा-ए-कत्ल, टाडा एक्ट और आर्म्स एक्ट के मामले के आरोपी केटीएफ के चीफ जगतार सिंह तारा को बरी कर दिया है। जगतार सिंह तारा पर जिला पुलिस ने 26 सितंबर 1991 को इरादा-ए-कत्ल, टाडा एक्ट की धारा 3,4,5 और आर्म्स एक्ट की धाराओं 25, 54, 59 के तहत मामला दर्ज किया था।
मामले में अन्य आरोपी भी होने के कारण आईपीसी की धारा 148, 149 भी जोड़ी गई थी। बाकी आरोपी साक्ष्यों के अभाव में पहले ही बरी हो चुके हैं। तारा पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड में भी दोषी है।
रोपड़ अदालत के वकील सरबजीत सिंह बैंस ने बताया कि जगतार सिंह तारा पर यह मामला पुलिस पर मारने की नीयत से फायरिंग करने के कारण दर्ज किया गया था। आरोपियों का कहना था कि उन्हें तो पुलिस ने उनके घरों से हिरासत में लिया था।
मामले की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सेशन जज सुनीता कुमारी शर्मा ने आरोपी जगतार सिंह तारा को बरी कर दिया। जगतार सिंह तारा रोपड़ के गांव डेकेवाला का वासी है। उसे थाइलैंड से थाई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे भारत लाया गया।