इराक में फंसे अपने बच्चों को देखने की आस में उनके परिजनों की आंखें पथरा गई हैं। सबका रो-रोकर बुरा हाल है। पंजाब सरकार के लगातार वादों के बावजूद पटियाला जिले का अब तक एक भी नौजवान इराक से वापस नहीं लौटा है। प्रशासन ने भी अब पीड़ितों की सुध लेना बंद कर दिया है।
पटियाला के गांव खतौली के रहने वाले सुरजीत सिंह जिनका 24 साल का इकलौता बेटा महिताब सिंह इराक में फंसा है वह नम आंखों से बताते हैं कि अब तक उनके बेटे समेत गांव के बाकी सात लड़के जो इराक में फंसे हैं उनकी वापसी के लिए सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया है। अब तो प्रशासन ने भी सुध लेना बंद कर दिया है। पहले-पहले तो अधिकारी आए भी और दिलासा भी दिया लेकिन अब कोई सुनता नहीं है।
नाभा के दुलदी गेट का रहने वाला मलकीत सिंह (27) भी इराक में फंसा है। उसके जीजा परगट सिंह ने बताया कि अब तक सरकार से केवल वादे ही मिले हैं। पटियाला जिले से इराक में 29 नौजवान फंसे हैं इनमें से एक भी वापसी नहीं हुई है। फोन पर जब भी मलकीत से बात होती है वह अपनी परेशानी बताता है।
किसान महिंदर सिंह के मुताबिक उनका बेटा सुखबीर सिंह इराक के नजफ शहर में फंसा है। जहां कंपनी के मालिकों ने उसका पासपोर्ट अपने पास रख लिया है। इससे वह वहां से वापस नहीं आ पा रहा है। सरकार जल्द कोई कदम उठाए।