होशियारपुर में बाहरी राज्य के मजदूर की ओर से बच्चे से दुष्कर्म और कत्ल के बाद बढ़ रहे विवाद की आंच अब हर गांव तक पहुंच रही है। बाहरी राज्यों के इन मजदूरों और उनके परिवारों के पक्ष और विपक्ष में स्थानीय लोगों का आपस में टकराव भी बढ़ता दिखाई दे रहा है।
बैठक के दौरान गांव में रह रहे सभी मजदूर और उनके परिवार के सदस्यों के कागजात की गहन जांच करने, स्थानीय मजदूरों को हरेक काम में पहल देने और अनजान मजदूर और उनके परिवारों को गांव से से बाहर निकालने की मांग की गई। गांव की दुकानों में बिक रहे तंबाकू उत्पाद जैसे गुटखा, सिगरेट-बीड़ी आदि पर प्रतिबंध लगाने की भी वकालत की गई और दुकानदारों को इन्हें न बेचने की चेतावनी दी गई है।
सरपंच पलविंदर सिंह लिट्ट ने कहा कि हमारा इन बाहरी राज्य के मजदूरों से कोई निजी रंजिश नहीं है और न ही सही लोगों को गांव से निकालने का कोई इरादा है लेकिन आपराधिक आचरण वाले लोगों को गांव में रहने की इजाजत नहीं दी जा सकती। पंचायत गांव में रह रहे बाहरी राज्य के लोगों के पहचान पत्र ले रही है और इनका पूरा रिकॉर्ड पंचायत के पास रखा जाएगा। इसके अलावा सारा रिकॉर्ड संबंधित थाना चौकियों में दिया जाएगा।
गांव में हुड़दंग मचाने गैर कानूनी गतिविधियां और बिना पंजीकरण वाहनों पर बिना वजह घूमने वालों को भी चेतावनी दी गई। इस मौके पर सरपंच पलविंदर सिंह लिट्ट, तेजपाल सिंह, जगपाल सिंह पाली, रमिंदर सिंह, कृष्ण सिंह (पंच), मनमोहन सिंह, अमरीक सिंह, जसपाल सिंह गैरी, बलविंदर सिंह, बीरिंदरपाल सिंह, सुखदेव सिंह पूर्व पंच आदि मौजूद थे।