अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब में महिला एवं बाल विकास विभाग ने पिछले एक साल में 64 बाल विवाह रुकवाए हैं। सरकार ने बाल विवाह के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई जारी रखने का निर्णय लिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने इस दिशा में समाज से बाल विवाह की प्रथा को खत्म करने की अपील की।
इसके अलावा, बाल भिक्षावृत्ति मुक्त पंजाब के तहत चलाए गए जीवनजोत प्रोजेक्ट के अंतर्गत 766 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। मंत्री ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए वर्ष 2025 में 6175 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिसमें से नवंबर तक 4683.94 करोड़ रुपये वृद्धावस्था पेंशन और अन्य योजनाओं के तहत वितरित किए गए हैं।
वहीं, सेफ स्कूल वाहन नीति के तहत 2385 स्कूल बसों की जांच की गई, जिसमें से 404 बसों के चालान किए गए और दो बसों को सुरक्षा मानकों की कमी पर जब्त किया गया। इसके अलावा, नेत्रहीन व्यक्तियों को नि:शुल्क और दिव्यांगजनों को आधे किराए पर यात्रा सुविधा प्रदान की जा रही है, जिसमें अब तक 3.45 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।