पंजाब में 12 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, इससे राज्य के तापमान में पांच डिग्री तक की गिरावट आ सकती है। वर्तमान में भी पंजाब का पारा सामान्य से 2.1 डिग्री नीचे बना हुआ है।
सोमवार को भी पंजाब के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। इससे राज्य के तापमान में 1.7 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई थी। बठिंडा में सबसे अधिक 39.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। सोमवार को पटियाला में 25.2 एमएम, लुधियाना में 2.2 एमएम और मोहाली में 18.0 एमएम बारिश हुई। पठानकोट में 0.4 एमएम और होशियारपुर में 0.5 एमएम बारिश दर्ज की गई।
11 और 12 को भारी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, 10 जुलाई को पंजाब के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि, 11 और 12 जुलाई को राज्य में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यह मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने का संकेत है। इससे किसानों और आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद है।
तापमान की वर्तमान स्थिति
पंजाब के न्यूनतम तापमान में 0.6 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई है। यह फिलहाल सामान्य के करीब बना हुआ है। पठानकोट में सबसे कम 23.6 डिग्री न्यूनतम पारा दर्ज किया गया। अमृतसर का तापमान 33.5 डिग्री, लुधियाना का 33.8 डिग्री और पटियाला का 32.7 डिग्री रहा। बठिंडा का न्यूनतम पारा 31.0 डिग्री और रूपनगर का 28.8 डिग्री दर्ज किया गया।
उमस भरी गर्मी के बीच अघोषित कटों ने किया परेशान
पंजाब में उमस भरी गर्मी के बीच बिजली के अघोषित कटों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। रणजीत सागर बांध और रोपड़ थर्मल प्लांट की यूनिट बंद होने से कुल 810 मेगावाट बिजली उत्पादन ठप हो गया है। बारिश के कारण मांग में कमी के बावजूद बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
रणजीत सागर बांध के चारों यूनिट और रोपड़ थर्मल प्लांट की छह नंबर यूनिट बंद पड़ी है। इससे राज्य में कुल 810 मेगावाट बिजली का उत्पादन प्रभावित हुआ है। सोमवार को पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 16307 मेगावाट दर्ज की गई। यह मांग बीते दो दिनों के मुकाबले अधिक थी। इसके मुकाबले पावरकाम के पास अपने स्रोतों से केवल 4969 मेगावाट बिजली उपलब्ध थी। मांग पूरी करने के लिए पावरकाम ने नार्दर्न ग्रिड से करीब 10600 मेगावाट बिजली ली। रविवार रात को सभी फीडरों पर डेढ़ घंटे तक के बिजली कट लगाए गए। इन कटों के कारण लोगों को भीषण गर्मी में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। यह स्थिति उत्पादन में कमी के कारण बनी हुई है।
बारिश के कारण बीते कुछ दिनों से पंजाब में बिजली की मांग में कमी आई है। एक जुलाई को बिजली की मांग 17112 मेगावाट थी। इसके बाद दो जुलाई को यह गिरकर 15682 मेगावाट हो गई थी। हालांकि, मांग में कमी के बावजूद पावरकाम उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं दे पा रहा है। उत्पादन में कमी के कारण यह समस्या लगातार बनी हुई है।
बिजली की मांग पूरी करना बना चुनौती
सोमवार को पावरकाॅम के पास कुल 4969 मेगावाट बिजली उपलब्ध थी। इसमें सरकारी क्षेत्र के थर्मल प्लांटों से 1643 मेगावाट बिजली मिली। हाइडल प्रोजेक्टों से 449 मेगावाट और निजी क्षेत्र के थर्मल प्लांटों से 2775 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई। रणजीत सागर और रोपड़ की यूनिट बंद होने से यह उपलब्धता और कम हो गई है। इस कमी के कारण मांग पूरी करने में दिक्कत आ रही है।