बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल शनिवार को नाभा जेल पहुंची और उन्होंने अपने भाई विक्रम सिंह मजीठिया को राखी बांधी। मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया के समक्ष पंजाब की भगवंत मान सरकार पर हमला बोला। हरसिमरत कौर ने कहा कि वह अपने भाई को राखी बांधने के लिए आई थीं। लेकिन जेल प्रशासन ने उन्हें लंबा इंतजार कराया। उनकी गाड़ी अंदर जाने नहीं दी गई और गेट पर ही रोक ली गई। यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
"भगवंत मान को अपनी कुर्सी का अहंकार"
सांसद ने कहा कि अच्छा व बुरा समय तो आता-जाता रहता है इसलिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को अपनी कुर्सी का अहंकार नहीं करना चाहिए। हरसिमरत ने कहा कि गनीमत है कि भले ही 10 मिनट के लिए ही सही, लेकिन वह अपने भाई से मिल सकीं। वरना उन्हें यहां धरना देना था। सांसद ने कहा कि बड़े-बड़े गैंगस्टरों का जेल से इंटरव्यू लिया जाता है, उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जाता है। जिनके खिलाफ कुछ नहीं मिला, उन पर जुल्म किया जा रहा है।
हरसिमरत ने कहा कि मजीठिया जेल के अंदर पूरी चढ़दी कला में हैं। रोजाना नित नाम करते हैं। सांसद ने कहा कि दरअसल सीएम मान इस बात से बौखलाए हुए हैं कि रेड के दौरान उनके भाई मजीठिया के घर से कुछ बरामदगी नहीं हो सकी है।
हरसिमरत ने कहा कि मजीठिया ने अपने समर्थकों से कह रखा है कि जिस दिन वह बाहर आएंगे, वह दोबारा से जनता के मुद्दों को उठाएंगे। क्योंकि मान सरकार ने लोगों के भरोसे के साथ विश्वासघात किया है। मजीठिया की जमानत के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के वकील खुद कोर्ट में कह रहे थे कि मजीठिया को 6 महीने तक बाहर नहीं आने देना, क्योंकि पता है कि एक के बाद एक झूठा केस डाला जाएगा। ड्रग्स की बात तो करते हैं, लेकिन अभी तक कोई सबूत पेश नहीं कर पाए हैं। ये केस झूठा दर्ज किया गया है।