सिविल सर्जन डॉ. सतिंदर सिंह ने बताया कि एक प्राइवेट नर्सिंग होम में भी ब्लैक फंगस के दो संदिग्ध मरीज दाखिल हुए हैं, जो पटियाला से ही संबंधित हैं। यह दोनों मरीज कोरोना को मात दे चुके हैं लेकिन कोरोना के दौरान स्टेरॉयड के ज्यादा इस्तेमाल से ब्लैक फंगस की बीमारी हो जाती है।
राजिंदरा में ब्लैक फंगस मरीजों के इलाज को कमेटी गठित
डॉ. राजन सिंगला ने बताया कि सरकारी राजिंदरा अस्पताल में ब्लैक फंगस के इलाज के लिए मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. आरपीएस सिबिया की अगुवाई में एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है। इसमें ईएनटी विभाग के प्रमुख डॉ. संजीव, ईएनटी विभाग से ही डॉ. विश्व भाटिया और मेडिसिन के डॉ. संजय गोयल को शामिल किया गया है।
ब्लैक फंगस के लक्षण
- बुखार व तेज सिरदर्द, खांसी आना
- नाक से काले रंग का स्त्राव
- आंखों व नाक के आसपास दर्द
- आंखों से धुंधला दिखाई देना
- दांतों में ढीलापन महसूस होना, मसूढ़ों में तेज दर्द
- छाती में दर्द, सांस लेने में तकलीफ होना