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पंजाब: अंग्रेजों के जमाने की पटियाला जेल से तीन कैदी फरार, पानी की पाइप से तोड़ी बाथरूम की दीवार

Wed, 28 Apr 2021 09:44 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)

सार

पहले तो जेल प्रशासन की ओर से इन कैदियों की तलाश जेल परिसर में इस आशंका से की गई कि शायद सभी अंदर ही कहीं छिपे हों। लेकिन कैदियों का कोई सुराग न लगने पर संबंधित थाना त्रिपड़ी पुलिस को बुलाया गया। 
 
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पटियाला सेंट्रल जेल से कैदी और हवालाती फरार। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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अंग्रेजों के जमाने की बनी पटियाला की सेंट्रल जेल से मंगलवार रात तीन कैदी फरार हो गए। उन्होंने इसके लिए शौचालय में पानी की पाइप तोड़ी और उससे दीवार में छेद किया। इस वारदात के बारे में जेल प्रशासन को जैसे ही बुधवार सुबह पता चला तो हड़कंप मच गया। पहले तो प्रशासन ने परिसर में ही कैदियों की तलाश की। जब उनका कोई सुराग न लगा तो जेल विभाग समेत पुलिस प्रशासन को सूचित किया गया। कैदियों के खिलाफ संबंधित थाना त्रिपड़ी में केस दर्ज कर लिया गया है।

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फरार होने वालों में शेर सिंह मूलरूप से अमृतसर के लोपोके स्थित गांव वानीके का रहने वाला है। उसे ब्रिटेन की अदालत ने नशा तस्करी के केस में 22 साल कैद की सजा सुनाई थी। बाद में शेर सिंह को कानूनी प्रक्रिया के तहत विशेष समझौता करके भारत लाया गया था। दूसरा कैदी इंद्रजीत सिंह उर्फ ध्याना कपूरथला के गांव रानीपुर कोम्बोया का है। वह भी नशा तस्करी के केस में 10 साल की सजा काट रहा था। दोनों को हाल ही में बठिंडा से पटियाला जेल शिफ्ट किया गया था।


तीसरा कैदी जसप्रीत सिंह उर्फ नूपी रूपनगर के कीरतपुर साहिब के गांव डाडी का निवासी है। वह आर्म्स एक्ट के केस में अंडर ट्रायल था। ये तीनों जेल के क्वारंटीन वार्ड के 9 नंबर सेल (चक्की) में रखे गए थे। क्वारंटीन वार्ड के विभिन्न सेलों में उन कैदियों को रखा जाता है, जिन्हें सख्त सजा देनी हो। इस वार्ड में कुल 25 सेल हैं। 

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यह जेल अंग्रेजों के जमाने की है। इस कारण जेल की दीवार की ऊंचाई कम

जेल सुपरिंटेंडेंट शिवराज ने बताया कि कैदियों ने शौचालय में पानी की पाइप तोड़ी। इसी से उन्होंने शौचालय की दीवार में छेद किया। हालांकि यह पता नहीं चला है कि उन्होंने सेल की 11 फुट और जेल की 15 फुट की दीवार कैसे फांदी। उन्होंने बताया कि यह जेल अंग्रेजों के जमाने की है। इस कारण जेल की दीवार की ऊंचाई कम है। आजकल तो जेलों में दीवारें 20 फुट से ज्यादा की होती हैं। 

ड्यूटी पर तैनात मुलाजिम शक के घेरे में होगी पूछताछ : आईजी
आईजी (जेल) रूप कुमार अरोड़ा ने माना कि कैदियों का फरार होना जेल प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही है। कैदियों का केवल अपने स्तर पर दीवार तोड़कर फरार होना संभव नहीं था। ऐसे में मंगलवार रात ड्यूटी पर तैनात जेल स्टाफ भी शक के घेरे में है। उन सभी से पूछताछ होगी। अगर किसी की मामले में संलिप्तता पाई गई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मामले में जांच करेगा जेल विभाग, सीसीटीवी फुटेज खंगाली : 
आईजी (जेल) ने बताया कि मामले में जेल विभाग ने जांच शुरू कर दी है। जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही स्निफर डॉग्स की मदद से यह पता लगाया जा रहा है कि कैदी किस तरफ गए हैं। इसके अलावा फरार कैदी मंगलवार रात को किस समय भागे, जेल के फोन से किस-किस को फोन किया, उन्हें मिलने जेल में कौन आया, यह पता लगाया जा रहा है।

उठे सवाल 
  • दीवार तोड़ते हुए क्या किसी ने कोई आवाज नहीं सुनी
  • 11 फुट और 15 फुट की दीवारें बिना किसी के नजर में आए कैसे फांद गए
  • क्या जेल से भागने में किसी पुलिसकर्मी ने ही मदद की
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