जेल सुपरिंटेंडेंट शिवराज ने बताया कि कैदियों ने शौचालय में पानी की पाइप तोड़ी। इसी से उन्होंने शौचालय की दीवार में छेद किया। हालांकि यह पता नहीं चला है कि उन्होंने सेल की 11 फुट और जेल की 15 फुट की दीवार कैसे फांदी। उन्होंने बताया कि यह जेल अंग्रेजों के जमाने की है। इस कारण जेल की दीवार की ऊंचाई कम है। आजकल तो जेलों में दीवारें 20 फुट से ज्यादा की होती हैं।
ड्यूटी पर तैनात मुलाजिम शक के घेरे में होगी पूछताछ : आईजी
आईजी (जेल) रूप कुमार अरोड़ा ने माना कि कैदियों का फरार होना जेल प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही है। कैदियों का केवल अपने स्तर पर दीवार तोड़कर फरार होना संभव नहीं था। ऐसे में मंगलवार रात ड्यूटी पर तैनात जेल स्टाफ भी शक के घेरे में है। उन सभी से पूछताछ होगी। अगर किसी की मामले में संलिप्तता पाई गई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मामले में जांच करेगा जेल विभाग, सीसीटीवी फुटेज खंगाली :
आईजी (जेल) ने बताया कि मामले में जेल विभाग ने जांच शुरू कर दी है। जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही स्निफर डॉग्स की मदद से यह पता लगाया जा रहा है कि कैदी किस तरफ गए हैं। इसके अलावा फरार कैदी मंगलवार रात को किस समय भागे, जेल के फोन से किस-किस को फोन किया, उन्हें मिलने जेल में कौन आया, यह पता लगाया जा रहा है।
उठे सवाल
- दीवार तोड़ते हुए क्या किसी ने कोई आवाज नहीं सुनी
- 11 फुट और 15 फुट की दीवारें बिना किसी के नजर में आए कैसे फांद गए
- क्या जेल से भागने में किसी पुलिसकर्मी ने ही मदद की