इस सीजन में पहली बार एक दिन में पराली जलाने के 100 से ज्यादा मामले रिकॉड किए गए। रविवार को पंजाबभर में कुल 122 जगह पराली जलाई गई जबकि शनिवार को मात्र 28 मामले दर्ज हुए थे। इस साल अब तक पराली जलाने के 743 मामले दर्ज हो चुके हैं।
जानकारों के अनुसार धान की कटाई में आई तेजी की वजह से पराली जलाने के मामले अचानक बढ़ गए हैं। आने वाले दिनों में यह मामले और बढ़ेंगे जिससे पंजाब की हवा भी दमघोंटू होती जाएगी। हालांकि रविवार को सूबे के ज्यादातर शहरों में एक्यूआई 200 से नीचे ही रिकॉर्ड किया गया।
आंकड़ों की बात करें तो मौजूदा सीजन में अब तक पराली जलाने में अमृतसर जिला सबसे आगे था, लेकिन अब 224 मामलों के साथ जिला तरनतारन नंबर वन हो गया है। तरनतारन के बाद सबसे अधिक 154 मामले जिला अमृतसर से, फिरोजपुर से 80, पटियाला से 39, गुरदासपुर से 38, संगरूर से 47, कपूरथला से 29, बठिंडा से 19, फाजिल्का व जालंधर से 13-13, बरनाला से छह, लुधियाना, मोगा व मानसा से आठ-आठ, फतेहगढ़ साहिब से भी 13, मुक्तसर व फरीदकोट से 10-10, एसबीएस नगर से दो, होशियारपुर से तीन, मालेरकोटला से चार मामले सामने आए हैं।
रविवार को तरनतारन में 28 मामले
वहीं अगर रविवार की बात करें, तो भी तरनतारन में सबसे ज्यादा पराली और यहां 28 मामले सामने आए। मुख्यमंत्री भगवंत मान के अपने जिला संगरूर में पराली जलाने के 19 मामले, अमृतसर में 10, बरनाला, फाजिल्का, होशियारपुर व मोगा में एक-एक, बठिंडा में छह, फतेहगढ़ साहिब में सात, फरीदकोट, लुधियाना व मानसा में तीन-तीन, फिरोजपुर में 11, गुरदासपुर में 9, जालंधर व एसएएस नगर में दो-दो, कपूरथला में सात, मुक्तसर व पटियाला में चार-चार मामले सामने आए।