पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल में प्लाज्मा दान करता एक व्यक्ति।
पंजाब का पहला प्लाज्मा बैंक सरकारी राजिंदरा अस्पताल में मंगलवार को स्थापित किया गया। मेडिकल शिक्षा एवं खोज मंत्री ओपी सोनी और सांसद परनीत कौर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जरिए प्लाज्मा बैंक को लोगों को समर्पित किया। दिल्ली के बाद पंजाब ऐसा प्रदेश बन गया है, जहां कोविड-19 के गंभीर मरीजों का इलाज प्लाज्मा थेरेपी से किया जाएगा।
सोनी ने कहा कि कोरोना महामारी का मुकाबला करने को प्लाज्मा बैंक बहुत बड़ी उपलब्धि है। कोरोना से जंग जीत चुका कोई भी मरीज 28 दिनों बाद अपना प्लाज्मा दान कर सकता है, जो एक बेहद सरल व सुरक्षित प्रक्रिया है। साथ ही दावा किया कि कोविड के गंभीर मरीजों के इलाज में यह चिकित्सा पद्धति काफी कारगर साबित हो सकती है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में सरकार ने कोरोना के मरीजों का पता लगाने के लिए मौजूदा टेस्टिंग की क्षमता 3 हजार से सात हजार तक बढ़ाने को 56 लाख रुपये की लागत से वीडीआरएल लैब को अपग्रेड भी किया।
सांसद परनीत कौर ने सरकार के इस कदम को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए उम्मीद की एक नई किरण के तौर पर यह प्लाज्मा बैंक काम करेगा। उन्होंने कोरोना को मात दे चुके मरीजों को प्लाज्मा दान करने के लिए आगे आने को कहा।
मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च विभाग के प्रमुख सचिव डीके तिवाड़ी ने बताया कि राजिंदरा अस्पताल में कोविड के मरीजों के लिए 600 बिस्तरों वाली आइसोलेशन सुविधा है, जिसमें हर एक बेड के साथ 100 फीसदी ऑक्सीजन सप्लाई है। वही गंभीर बीमार मरीजों के लिए 54 वेंटिलेटर भी उपलब्ध हैं। जल्द ही वेंटिलेटरों की संख्या 100 तक बढ़ाई जाएगी।