भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां), क्रांतिकारी किसान यूनियन मंगलवार को भी धरने पर डटी रहीं। उन्होंने कहा कि कृषि कानून को लागू नहीं होने दिया जाएगा चाहे कुर्बानी ही क्यों न देनी पड़े। इस दौरान पंजाब सरकार की ओर से खेती कानूनों के विरोध में उठाए जा रहे कदमों की सराहना की गई।
किसान नेता अवतार सिंह कौरजीवाला, मनजीत सिंह न्याल ने कहा कि खेती कानून किसानों और मजदूरों को तबाह कर देंगे। इन तीनों कानूनों से पंजाब का मंडी प्रबंधन पूरी तरह से तहस-नहस हो जाएगा। राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर की सरकारी खरीद एजेंसियां मंडी से बाहर हो जाएंगी और किसानों को अपनी फसल की बिक्री के लिए कारपोरेट घरानों व बड़े प्राइवेट व्यापारियों के रहमोकरम पर छोड़ दिया जाएगा। इस दौरान खेती कानूनों को लेकर चल रहे आंदोलन में अब तक जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को 10-10 लाख का मुआवजा देने समेत परिवार के एक सदस्य को पक्का रोजगार देने की भी मांग की गई।