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पंजाब : पटियाला में किसानों ने भाजपा नेताओं को घेरा, पुलिस ने अपनी गाड़ी में निकाला 

Thu, 22 Apr 2021 09:51 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)

सार

हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भाजपा नेताओं को अपनी गाड़ी में बैठाकर वहां से बाहर निकाला। इस दौरान किसानों ने पुलिस की गाड़ी पर डंडे मारे।
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पटियाला में प्रदर्शन करते किसान। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब में भाजपा का विरोध जारी है। पटियाला के सरहंदी गेट के नजदीक बुंदेला मंदिर में गुरुवार सुबह भाजपा नेताओं की बैठक का पता चलते ही बड़ी संख्या में किसान वहां पहुंच गए। उन्होंने मंदिर का घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भाजपा नेताओं को अपनी गाड़ी में बैठाकर वहां से बाहर निकाला। 

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इस दौरान किसानों ने पुलिस की गाड़ी पर डंडे मारे। पुलिस को उन्हें रोकने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इससे भड़के किसानों ने बस स्टैंड के पास चौक पर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने जांच का आश्वासन दिया। वहीं मंदिर कमेटी ने मंदिर में बैठक न होने देने की बात कही। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया। 


पटियाला देहात हलके से अपनी दावेदारी ठोकते हुए विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार शुरू करने वाले भाजपा नेता गुरतेज सिंह ढिल्लों ने बताया कि सुबह करीब सवा 11 बजे उनकी बुंदेला मंदिर में बैठक चल रही थी। इसमें पटियाला वन व टू हलकों के प्रभारी डॉ. सुभाष वर्मा, जिला भाजपा प्रधान शहरी हरिंदर कोहली, बलवंत राय मौजूद थे। 
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इसी बीच जानकारी मिलने पर क्रांतिकारी किसान यूनियन, भारतीय किसान यूनियन उगराहां, बीकेयू डकौंदा के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान वहां पहुंच गए। उन्होंने मंदिर को घेरकर नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। किसानों ने कहा कि जब संयुक्त किसान मोर्चे ने एलान कर रखा है कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं होंगे, तब तक भाजपा के किसी भी नेता को बैठक नहीं करने देंगे तो कार्यक्रम क्यों हो रहे हैं। 

किसानों के बढ़ते रोष को देख पुलिस ने तुरंत भाजपा नेताओं अपनी गाड़ी में वहां से निकालना शुरू कर दिया। आरोप है कि इस बीच भड़के किसानों ने पुलिस की गाड़ी पर डंडे मारे। इस कारण पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। किसान नेता अवतार सिंह कौरजीवाला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने किसानों के साथ बुरा व्यवहार किया। महिलाओं को धक्के मारे और नौजवानों के साथ गाली-गलौच की। कुछ महिलाओं ने डंडे मारने के भी आरोप लगाए। इसके विरोध में बाद में किसानों ने बस स्टैंड पास बत्तियों वाला चौक घेरकर धरना लगा दिया। 

किसान नेता गुरमीत सिंह दित्तूपुर ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि पुलिस भी भाजपा के साथ मिल गई है। बाद में जब पुलिस ने अपनी गलती मानी और मंदिर कमेटी की ओर से भी भरोसा दिलाया गया कि आगे से किसी भाजपा नेता की मंदिर में बैठक नहीं होने दी जाएगी। उसके बाद ही किसानों ने धरना समाप्त किया।

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