आने वाले साउनी के सीजन के बाद किसानों को धान की पराली जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। किसानों को धान की पराली का बढ़िया मूल्य मिलेगा। ऐसा होने से पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण से भी लोगों को निजात मिलेगी। डीसी रामवीर सिंह ने बताया कि पंजाब बायोमास पावर लिमिटेड कंपनी का घन्नौर के पास 100 फीसदी पराली के साथ चलने वाला पावर प्लांट है। इस प्लांट को पूरी क्षमता के साथ चलाने के लिए डेढ़ लाख टन पराली की जरूरत पड़ती है जो 80 से 90 फीसदी हजार एकड़ से मिलती है। कंपनी का पंजाब सरकार के साथ कुल 9 प्लांट लगाने का समझौता हुआ है।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के साथ हुई बातचीत के बाद दो और प्लांट लगाने की मंजूरी कंपनी को मिली है। उन्होंने बताया कि पंजाब बायोमास पावर लिमिटेड कंपनी अपने 12 मेगावाट के इस प्रोजेक्ट के अलावा एक और प्लांट जिले में लगाने जा रही है। इसके लिए पराली की बड़ी मात्रा में जरूरत पड़नी है इसलिए कंपनी किसानों की पराली को अपने खर्चे पर खेतों से उठाएगी।
किसान को 1500 से 2000 रुपये तक हर किले की पराली के लिए दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कंपनी का विचार है कि नए लगने वाले प्लांट में से किसानों को भी हिस्सेदार बनाया जाए और इनको कोऑपरेटिव आधार चलाया जाए। दूसरी तरफ डीसी ने किसानों से अपील की कि वह पराली न जलाएं। इससे खेत के मित्र कीड़े मर जाते हैं और वातावरण को भी नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि अगर किसान को अच्छे पैसे मिलें तो वह पराली जलाने से परहेज करेगा।