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129 दिन बाद गांव लौटे डल्लेवाल: बोले- झुकेंगे नहीं, लड़ाई चलेगी... आंदोलन को लेकर किसान नेता ने कर दिया एलान

Thu, 03 Apr 2025 07:23 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला/फरीदकोट (पंजाब)

सार

पंजाब के फरीदकोट के गांव डल्लेवाला में वीरवार को बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। क्योंकि किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल 129 दिन बाद अपने पैतृक गांव पहुंचे थे। डल्लेवाल वीरवार को पटियाला के अस्पताल से डिस्चार्ज किए गए हैं। 
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किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पंजाब के पटियाला के निजी अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद बीकेयू एकता सिद्धूपुर के प्रांतीय अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल वीरवार को फरीदकोट में अपने गांव डल्लेवाला पहुंचे। किसान नेता डल्लेवाल पूरे 129 दिन बाद अपने पैतृक गांव पहुंचे। इससे पहले वे 25 नवंबर को अपने गांव से खनौरी बॉर्डर के लिए आमरण अनशन के लिए निकले थे। गांव पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया।

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गांव डल्लेवाला में भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर की अगुवाई में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें राज्य सरकार की तरफ से खनौरी और शंभू बॉर्डर पर किसानों के मोर्चे जबरन खत्म करवाए जाने का निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। इसके साथ ही आने वाले दिनों में किसानों की मांगों को लेकर संघर्ष को और तेज करने का बड़ा ऐलान भी किया गया। 

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आप सरकार ने किसानों की पीठ में छुरा घोंपा

इससे पहले किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने पटियाला में कहा कि एमएसपी की गारंटी कानून की लड़ाई को जीत तक लेकर जाना उनका संकल्प है। इसे पूरा करने के लिए वह अपनी पूरी जिंदगी समर्पित कर देंगे। पंजाब की मान सरकार ने धोखे से किसानों की पीठ में छुरा घोंपा है। पहली बार ऐसा हुआ है कि बैठक के लिए बुलाकर किसानों को गिरफ्तार किया गया हो। इसके बाद बार्डरों पर चल रहे मोर्चों पर हमला किया, जो बेहद शर्मनाक है। 

देश के किसानों के लिए डेथ वारंट 

डल्लेवाल ने उन्होंने कहा कि जब 18 जनवरी तक बड़ी गिनती नौजवान मोर्चों पर दिन-रात पहरेदारी करते थे तो किसी सरकार में आंख उठाकर देखने की हिम्मत नहीं हुई। वीरवार सुबह पटियाला के प्राइवेट अस्पताल से डिस्चार्ज हुए। इसके बाद मीडिया से बात करते डल्लेवाल ने कहा कि पिछले कई दिनों से अमरिकी व्यापार प्रतिनिधिमंडल भारत आया हुआ है और अमरिकी कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क खत्म करने का दबाव भारत सरकार पर बनाया जा रहा है। यदि भारत सरकार इस दबाव में झुकती है तो वह देश के किसानों के लिए डेथ वारंट समान होगा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी दावा करते हैं कि उनकी 56 इंच की छाती है और उनकी सरकार किसी के सामने नहीं झुकती। अगर सही मायने में उनकी 56 इंच की छाती है एवं वे किसी विदेशी सरकार के सामने नहीं झुकते तो भारत के किसानों के हकों की रक्षा करने के लिए स्टैंड लें व अमरिका के दबाव के सामने न झुकें।
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लगातार होंगे किसान महापंचायतें

डल्लेवाल ने कहा कि किसानों का आंदोलन जारी रहेगा, क्योंकि इसी आंदोलन के दबाव के चलते संसद की कृषि विषयों पर बनी स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में एमएसपी गारंटी कानून बनाने की सिफारिश की। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को फिरोजपुर, 5 अप्रैल को पटियाला, 6 अप्रैल को फतेहगढ़ साहिब, 7 अप्रैल को धनौला (बरनाला), 8 अप्रैल को दौदा (मुक्तसर साहिब), 9 अप्रैल को फाजिल्का, 10 अप्रैल को अमृतसर एवं मई के महीने में हरियाणा व राजस्थान में महापंचायतें होंगी, जिनमें वह स्वयं भाग लेंगे और संबोधित भी करेंगे।
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