नहीं किया जाएगा अंतिम संस्कार
रेशम सिंह की पत्नी दविंदर कौर, बेटे इंद्रजीत सिंह ने बताया कि शंभू व खनौरी बॉर्डर पर हजारों किसान धरना दे रहे हैं। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का आमरण अनशन 45वें दिन भी जारी रहा। उनकी हालत दिन-प्रतिदिन नाजुक हो रही है, लेकिन केंद्र सरकार किसानों की मांगें नहीं मान रही। परिवार ने फैसला किया है कि रेशम सिंह का जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होती तब तक रेशम सिंह का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
25 लाख का मुआवजा व सरकारी नौकरी की मांग
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सभरां ने कहा कि किसान आंदोलन दौरान जान गंवाने वाले रेशम सिंह पहुविंड की कुर्बानी भुलाई नहीं जा सकती। किसान के परिवार को 25 लाख का मुआवजा, सामुहिक कर्ज माफी, परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही उन सभी मांगों को पूरा किया जाए, जिनके लिए दो मोर्चे लगे हुए हैं। इस मौके हरप्रीत सिंह सिधवां, सतनाम सिंह माणोचाहल, हरजिंदर सिंह शकरी, मनजिंदर सिंह गोहलवड़, सलविंदर सिंह जीओबाला, सलविंदर सिंह चोताला ने रेशम सिंह पहुविंड को श्रद्धांजलि भेंट की।
10 को पुतला फूंककर प्रदर्शन और, 26 को ट्रैक्टर मार्च
किसान नेताओं ने कहा कि 10 जनवरी को पूरे देश में ग्रामीण स्तर पर मोदी सरकार के पुतले जलाए जाएंगे, ताकि केंद्र सरकार को पता लग जाए कि गांवों के लोग एमएसपी गारंटी कानून के मुद्दे पर डल्लेवाल के संघर्ष के साथ खड़े हैं। 13 जनवरी को नई खेती नीति के ड्राफ्ट की कॉपियां देशभर में जलाई जाएंगी। 26 जनवरी को देशभर में ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि संघर्ष की अगली रणनीति की घोषणा दोनों मोर्चों से जल्द ही की जाएगी।