पटियाला। कोरोना काल में जब मरीज जरूरी दवाओं के लिए तरस रहे हैं, ऐसे में सरकारी राजिंदरा अस्पताल के कोविड केयर वार्ड से महंगे टोसिलिजुमैब नामक छह जीवन रक्षक इंजेक्शन चोरी हो गए हैं। मामले में अस्पताल प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। साथ ही मामले में जांच को अस्पताल ने अपने स्तर पर एक कमेटी भी गठित कर दी है।
टोसिलिजुमैब इंजेक्शन काफी महंगे हैं। जानकारी के मुताबिक एक इंजेक्शन की कीमत करीब 38 हजार रुपये है, लेकिन कोरोना काल में इन दिनों बाजार में इस इंजेक्शन की उपलब्धता ही नहीं है। अगर मिल भी रहे हैं, तो कालाबाजारी के चलते मुंह मांगे दामों पर मिल रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक टोसिलिजुमैब इंजेक्शन कोविड के उन गंभीर हालत मरीजों पर इस्तेमाल किया जाता है, जिन्हें सांस की बहुत दिक्कत हो रही है। डाक्टरों के मुताबिक इंजेक्शन लगाने से मरीज को फौरी राहत मिलती है। इसे देखते हुए सेहत विभाग ने पिछले सप्ताह ही यह इंजेक्शन राजिंदरा अस्पताल भेजे थे, लेकिन अब छह टोसिलिजुमैब इंजेक्शन कोविड केयर वार्ड में रखे फ्रिज से चोरी हो गए हैं। इस संबंधी सरकारी मेडिकल कालेज प्रिंसिपल डा. राजन सिंगला ने कहा कि वार्ड में काम करने वाले स्टाफ पर ही संदेह की सुई है, क्योंकि बाहरी व्यक्ति का अंदर प्रवेश वर्जित है। प्रिंसिपल ने कहा कि कोविड मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर कुछ नया स्टाफ भी रखा है। उनमें से भी कोई चोरी कर सकता है। प्रिंसिपल ने कहा कि फिलहाल मामले में जांच जारी है। रिपोर्ट आने पर ही पक्के तौर पर कहा जा सकेगा। कोविड केयर वार्ड इंचार्ज सुरभि मलिक ने भी इंजेक्शन चोरी होने की पुष्टि की।
अब राजिंदरा में टोसिलिजुमैब का स्टाक खत्म
प्रिंसिपल डा. राजन सिंगला ने कहा कि अब राजिंदरा अस्पताल में टोसिलिजुमैब इंजेक्शनों का स्टाक खत्म हो गया है। सेहत विभाग को करीब 25 इंजेक्शनों की और मांग भेजी है, तब तक टोसिलिजुमैब की जगह इसका कोई वैकल्पिक इंजेक्शन लगाया जाएगा।