पटियाला। पीएसईबी इंप्लाइज ज्वाइंट फोरम के आह्वान पर बड़ी संख्या में बिजली मुलाजिमों ने सोमवार को पावरकॉम हेडआफिस के मेन गेट के आगे बारिश में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस जोनल स्तर के धरने में फिरोजपुर, फरीदकोट, बठिंडा, मुक्तसर, लुधियाना, खन्ना, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर और कपूरथला से बड़ी संख्या में बिजली मुलाजिम शामिल हुए। इस मौके पर पे बैंड में वृद्धि करने, डीए की बकाया किश्तें देने समेत और कई मांगें उठाई गईं।
मुलाजिम नेताओं कर्मचंद भारद्वाज, कुलदीप सिंह खन्ना ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि पावरकॉम मैनेजमेंट और पंजाब सरकार की ओर से दिए भरोसे अनुसार मानी मांगें लागू नहीं की जा रही हैं। मांग की कि तनख्वाह स्केल और भत्तों में वृद्धि की जाए, वेज फार्मूलेशन का गठन किया जाए, डीए की बकाया किश्तें जारी हों और कच्चे कर्मी रेगुलर किए जाएं। इसके साथ ही पुनर्गठन के नाम पर मुलाजिमों की मंजूरशुदा पद खत्म करने, पे बैंड में एक दिसंबर 2011 से वृद्धि करने, 23 वर्षों की सेवा बाद तरक्की वृद्धि देने, पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने, नए सहायक लाइनमैनों को सेमी स्किल्ड की जगह पूरा तनख्वाह स्केल देने, स्केलों की आप्शन और सहायक लाइनमैनों की ड्यूटियों संबंधी जारी किया गलत सर्कुलर वापस लेने, थर्मल प्लांटों के बंद किए यूनिट चालू करने, निजी कंपनियों के साथ किए गलत बिजली समझौते रद करने, सब स्टेशन स्टाफ को ओवरटाइम की अदायगी करने की मांग भी उठाई गई।
इस मौके पर संघर्ष को तेज करते हुए लगातार चेयरमैनों और डायरेक्टरों के फील्ड में आने पर उनके खिलाफ काले झंडों के साथ रोष प्रदर्शन करने और वर्क टू रूल अनुसार काम करने का एलान किया गया। साथ ही 29 जुलाई को पटियाला में मोती महल की तरफ मार्च करके किए जाने वाले प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने का एलान किया गया। इस मौके पर केंद्र सरकार से बिजली संशोधन बिल 2020 को वापस लेने की मांग की गई। बिजली मुलाजिमों ने कहा कि इनके जरिये बिजली वितरण कंपनियों का निजीकरण किया जा रहा है। इससे राज्यों के अधिकार छीने जाएंगे और बिजली जनरेशन और वितरण का काम प्राइवेट कंपनियों पास चला जाएगा।