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पंजाब में बढ़ी बिजली की डिमांड: हीट वेव... दनादन दौड़ रहे AC, कूलर, एक ही दिन में 16 फीसदी बढ़ी बिजली खपत

Wed, 09 Apr 2025 02:57 PM IST
अंकेश ठाकुर रिंपी गुप्ता, पटियाला

सार

पंजाब में पड़ रही भीषण गर्मी के चलते अब बिजली खपत भी ज्यादा होने लगी है। क्योंकि घरों व कार्यालयों में एसी और कूलर खूब चल रहे हैं। इस वजह से बिजली की डिमांड भी ज्यादा बढ़ गई है। 
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electricity - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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पंजाब में अप्रैल में ही हीट वेव के चलने से बिजली की खपत में रिकॉर्ड वृद्धि हो गई है। सोमवार को पिछले साल के मुकाबले बिजली की खपत में 16 फीसदी का रिकॉर्ड इजाफा हुआ है। जहां 2024-25 में सात अप्रैल को बिजली की खपत 144 मिलियन यूनिट (एमयू) रही थी। वहीं, सोमवार को यह 167 मिलियन यूनिट दर्ज की गई।

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अगर अप्रैल महीने के इन सात दिनों की बात करें, तो भी पंजाब में बिजली की खपत में 5 फीसदी का इजाफा दर्ज हुआ है। सोमवार को पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 8005 मेगावाट दर्ज की गई, जो अप्रैल में अब तक की सबसे अधिक रही। यह पिछले साल के मुकाबले 15 फीसदी अधिक दर्ज की गई, क्योंकि सात अप्रैल 2024 को बिजली की अधिकतम मांग मात्र 6984 मेगावाट रही थी। बिजली अधिकारियों के मुताबिक इस बार धान के सीजन में बिजली की अधिकतम मांग 17500 मेगावाट तक जाने का अनुमान है। जबकि पिछले साल 2024-25 में अधिकतम मांग 16058 मेगावाट दर्ज की गई थी।

बिजली की खपत (एमयू में)
तारीख     अप्रैल 2024  अप्रैल 2025   प्रतिशत
एक अप्रैल  137             154            12
दो अप्रैल    142             150            6
तीन अप्रैल  149             153             3
चार अप्रैल  155             159             3
पांच अप्रैल  157             161             3
छह अप्रैल  155             151            -3
सात अप्रैल  144             167             16

अप्रैल महीने में अब तक बिजली की अधिकतम मांग में कुल तीन फीसदी का इजाफा देखने को मिला है।

थर्मलों के तीन यूनिट बंद, 1140 मेगावाट बिजली सप्लाई ठप
पंजाब में गर्मी के सीजन से पहले ही थर्मल प्लांटों के यूनिटों में तकनीकी खराबी का सिलसिला शुरू हो गया है। इस समय विभिन्न थर्मलों के तीन यूनिट बंद पड़े हैं, जिससे कुल 1140 मेगावाट बिजली सप्लाई ठप पड़ी है। इनमें लहरा मुहब्बत थर्मल का 210 मेगावाट का एक नंबर यूनिट और प्राइवेट सेक्टर के तलवंडी साबो थर्मल का 660 मेगावाट का दो नंबर यूनिट तकनीकी खराबी के कारण बंद हैं। गोइंदवाल थर्मल का 270 मेगावाट का दो नंबर यूनिट गर्मी से पहले होने वाली जरूरी मरम्मत के लिए बंद किया गया है। इनमें से लहरा का यूनिट 20 अप्रैल तक दोबारा चालू हो सकेगा, जबकि गर्मी का प्रकोप शुरू हो गया है। कोयले के स्टाॅक की बात करें, तो सबसे बड़े 1980 मेगावाट की क्षमता वाले तलवंडी साबो थर्मल में केवल 11 दिनों के कोयले का स्टाॅक है। नियमानुसार 27 से 28 दिनों का कोयला होना जरूरी है। बाकी थर्मलों में कोयले का स्टाॅक संतोषजनक स्थिति में है। रोपड़ में 84 दिनों का, लहरा मुहब्बत में 85, गोइंदवाल में 54 दिनों का और राजपुरा थर्मल में करीब 52 दिनों का कोयला है।
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एटीसी सीमा 9500 मेगावाट से बढ़कर 10400 मेगावाट हुई
गर्मी व धान के सीजन में बिजली की मांग को पूरा करने के लिए पावरकाॅम भी तैयार होने के दावे कर रहा है। पावरकॉम अधिकारियों के मुताबिक इस बार शॉर्ट टर्म खरीद समझौतों के तहत करीब 1000 मेगावाट खरीदी जाएगी। वहीं, उपलब्ध ट्रांसमिशन क्षमता (एटीसी) सीमा 9500 मेगावाट से बढ़कर 10400 मेगावाट हो गई है। पावरकॉम करीब 10,000 मेगावाट बिजली बाहर से लेगा और 6000 मेगावाट का बिजली उत्पादन किए जाने का दावा है।

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