सांसद डा. धर्मवीर गांधी ने पंजाब की अकाली-भाजपा सरकार पर राज्य में नशों की विकराल समस्या को नजर अंदाज करने और भ्रम पैदा करके नशा माफिया को बचाने का आरोप लगाया है।
सोमवार को जारी बयान में डा. गांधी ने कहा कि जालंधर में डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के सर्वे के हवाले से कहा था कि पंजाब की 2.77 करोड़ की आबादी में से केवल 0.06 प्रतिशत आबादी नशे करते पाई गई।
उन्होंने पंजाब विरोधी ताकतों को शीशा दिखाने का दावा किया जो राज्य को नशों के नाम पर बदनाम करते हैं। डिप्टी सीएम के इस बयान का डा. अतुल अंबेकर आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस ने खंडन कर दिया है।
इस सर्वे की देखरेख इसी इंस्टीट्यूट ने की थी। इसके मुताबिक सर्वे का उद्देश्य नशेड़ियों के टोलों के अंदर रुझानों का पता लगाना था न कि सारी आबादी में कितने नशेड़ी बन गए हैं।
इस बारे में सर्वे दौरान पता लगाया गया है। डा. गांधी ने आरोप लगाया कि गठबंधन पार्टी भाजपा के नेताओं की ओर से किंतु-परंतु किए जाने को रोकने के लिए यह नशों के मसले पर मिट्टी डालने की कोशिश करना है।
डा. गांधी ने मांग की कि सभी नशामुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली व नतीजे सार्वजनिक किए जाएं ताकि असलियत का पता लगाया जा सके।