संगरूर के लुधियाना-मालेरकोटला मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर नारेबाजी करते डेरा प्रेमी।
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अहमदगढ़ के नजदीकी नामचर्चा घर में गोलियां मारकर मारे गए डेरा प्रेमी पिता-पुत्र के कत्ल को चार दिन बीतने के बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इससे डेरा प्रेमियों के गुस्से में उबाल आने लगा है।
डेरा प्रेमियों ने लुधियाना-मालेरकोटला मुख्य मार्ग जाम रखा। हालांकि डेरा प्रेमियों और पुलिस अधिकारियों के बीच बैठक हुई किंतु यह बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। जाम लगाए बैठे डेरा प्रेमियों ने कहा है कि जब तक कातिल पकड़े नहीं जाते न तो वह धरने से हटेंगे और न ही मृतक प्रेमियों का अंतिम संस्कार करेंगे।
मंगलवार को राज्यभर से बड़ी तादाद में डेरा प्रेमियों ने इस जाम में शामिल होकर अपना रोष जाहिर किया। डेरा सच्चा सौदा के राजनीतिक विंग के सदस्य रामकरन और हरिंदर मंगवाल सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि अब डेरा प्रेमी चुप नहीं बैठेंगे। 25 फरवरी की घटना के बाद भी पुलिस कातिलों का सुराग नहीं लगा पाई है।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि डेरा प्रेमी अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगे जब तक कातिल गिरफ्तार नहीं हो जाते तब तक मृतकों का अंतिम संस्कार भी नहीं किया जाएगा। न ही मुख्य सड़क सडक़र से धरना उठाया जाएगा।
पुलिस के डीआईजी एसके कपालिया, आईजी एलके यादव, एसएसपी खन्ना सतिंदर सिंह, एसएसपी पुलिस लुधियाना (देहाती) उपिंदर सिंह घुम्मन, होशियारपुर से एसएसपी एसएस भुल्लर सहित अन्य भी पुलिस अधिकारियों ने डेरे के पैंतालीस सदस्यों से बैठक की। एसएसपी खन्ना सतिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस और डेरा प्रेमियों के बीच हुई बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। बाकी पुलिस अपने स्तर पर गहनता से जांच में जुटी हुई है।