संवाद न्यूज एजेंसी
राजपुरा। फव्वारा चौक पर स्थापित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तोड़ने के खिलाफ अनुसूचित समाज की अलग-अलग जत्थेबंदियों ने पटियाला रोड पर प्रदर्शन किया। साथ ही प्रशासन व असामाजिक तत्वों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। वहीं एसपी सिटी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम का गठन किया है।
शरारती तत्वों ने फव्वारा चौक पर लगी डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा की अंगुली शनिवार को तोड़ दी थी। इससे नाराज अनुसूचित समाज के लोगों ने रोष प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया था। साथ ही रविवार की सुबह रोष प्रदर्शन में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की गई थी। रविवार की सुबह बड़ी संख्या में समाज की जत्थेबंदियों के सदस्य सड़क पर उतर आए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इससे पहले 15 सितंबर 2019 को भी बाबा साहिब की प्रतिमा तोड़ी गई थी। विधायक हरदियाल सिंह कंबोज ने अपनी तरफ से नई प्रतिमा लगवाई थी। अनुसूचित समाज के गुस्से को देखते हुए प्रतिमा के पास बड़ी संख्या में पुलिस के जवान तैनात कर इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
मौके पर ही एसपी सिटी हरमीत सिंह हुंदल, डीएसपी गुरिन्द सिंह, सिटी थाना प्रभारी गुरप्रताप सिंह मौजूद थे। एसपी सिटी ने समाज की अलग-अलग जत्थेबंदियों के प्रमुख अशोक कुमार बिट्टू, हंस राज बनवाड़ी, राजिंद्र कुमार, बलदेव सिंह महिरा, साहिब सिंह नैणा, एडवोकेट रविंद्र सिंह, कमल मट्टू को विश्वास दिलवाया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक रोष प्रदर्शन जारी था।
क्या कहते हैं सियासी पार्टियों से जुड़े नेता
शिअद नेता व पूर्व सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने कहा कि इससे पहले जब प्रतिमा तोड़ी गई थी, उस वक्त आरोपियों के खिलाफ सरकार ने सख्त कार्रवाई की होती तो दोबारा उनकी हिम्मत नहीं होती। पुलिस प्रशासन को सख्ती से कदम उठाना चाहिए। आम आदमी पार्टी की प्रदेश कोषाध्यक्ष नीना मित्तल ने कहा कि पुलिस प्रशासन को आरोपियों को पकड़कर सख्त सजा देनी चाहिए। एसजीपीसी सदस्य सुरजीत सिंह गढ़ी ने कहा कि बाबा साहिब की प्रतिमा की बेअदबी से सारा शहर दुखी है आरोपी जल्द ही पकड़े जाने चाहिए।
विधायक हरदयाल सिंह कंबोज का कहना है कि शरारती लोगों को पकड़वाकर कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाएगी। उन्होंने कुछ सियासी लोगों को भी सलाह दी कि अनुसूचित समाज को गुमराह करने की बजाए आरोपियों को पकड़वाने में मदद करें, ताकि शहर का माहौल खराब करने वालों को बेनकाब करके उन्हें जेल की सलाखों के पीछे डाला जा सके।