सोमवार को जमीन प्राप्ती संघर्ष कमेटी के नेतृत्व में गांव झनेड़ी के लोगों ने गांव की पंचायती जमीन की बोली के मामले को लेकर डीसी दफ्तर के समक्ष रोष धरना लगाया और जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि आरक्षित जमीन की बोली कम दाम पर लगाई जाए, पिछले समय हुई बोली के समय दलितों पर हमला करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पंचायती जमीन गोशाला, ग्रिड अथवा पुलिस चौकी को न देने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि 15 जून तक उनकी मांगों का समाधान न किया तो दलित जबरन जमीन पर धान की बिजाई करेंगे। इस मौके पर कमेटी के जिला नेता सुरजन सिंह झनेड़ी और बिन्नर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार का दलित और छोटे किसानों के विरोध में फैसले ले रही है।
जिला प्रशासन दलितों को उनके हक की जमीन देने के दावे कर रहा है, जो सरासर झूठ है। यूनियन नेता रामचंद सिंह और कश्मीर सिंह ने कहा कि पंचायत व ग्रामीण धनाढ्य प्रशासन के साथ मिलकर दलितों से उनका हक छीन रहे हैं।
इसी नीति के तहत पहले सोलर प्लांट को पंचायत ने जमीन देने की योजना बनाई, जिसे दलितों ने कड़े विरोध से रद करवाया, परंतु अब यह जमीन गोशाला, ग्रिड व पुलिस चौकी को देने की योजनाएं बना रही है, जिसे सफल नहीं होने दिया जाएगा।
कमेटी के नेता अमर सिंह ने कहा कि गांव के दलित किसान आम इजलास करके पंचायत के इस फैसले का कड़ा विरोध करेंगे। उन्होंने हमला करने वाले आरोपियों को दोबारा बोली में न बैठने देने, आम इजलास करवाकर पंचायत द्वारा पास किए गए लोकविरोधी प्रस्ताव रद करवाने, दलितों के पीने वाले पानी की मोटर का कनेक्शन दोबारा बहाल करने की मांग की।