पंजाब की अति सुरक्षित माने जाने वाली पटियाला स्थित सेंट्रल जेल से शुक्रवार तड़के तीन बंदी (एक कैदी व दो हवालाती) फरार हो गए। हालांकि कुछ घंटों के अंदर इन तीनों बंदियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया लेकिन इस घटना से जेल में सुरक्षा प्रबंधों पर सवालिया निशान लग गए हैं।
इसे जेल प्रशासन की बड़ी लापरवाही माना जा रहा है। फरार होने वालों में कैदी राहुल पांडे और हवालाती विक्रम सिंह व हवालाती कर्णदीप सिंह शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक यह घटना तड़के करीब साढ़े चार बजे की है। इन बंदियों ने जेल से फरार होने के लिए कंबलों को फाड़कर लंबी पट्टियां तैयार कीं जिनसे मजबूत रस्सियां बनाकर इनके सहारे जेल की दीवार फांदकर साथ लगते जेल ट्रेनिंग स्कूल के परिसर में दाखिल हो गए।
भागते कैदियों को जेल गार्ड ने देखा
बताया जा रहा है कि यहां पर दीवारों की ऊंचाई कम है। इसी दौरान जैसे ही रात की ड्यूटी पर तैनात एक जेल गार्ड ने कैदियों को फरार होते देखा तो उसने अलार्म बजा दिया। इस पर जेल के सुरक्षा मुलाजिमों ने तुरंत हरकत में आते हुए तलाशी अभियान शुरू किया। जल्द ही तीनों बंदियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
संबंधित थाना त्रिपड़ी के इंचार्ज सुखविंदर सिंह गिल ने बताया कि कैदी राहुल पांडे के खिलाफ सात, हवालाती विक्रम सिंह पर एक और हवालाती कर्णदीप सिंह के खिलाफ छह मुकदमे दर्ज हैं। इनमें इरादा कत्ल, चोरी और नशा तस्करी के मुकदमे शामिल हैं। उन्होंने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करके मामले में जांच शुरू कर दी गई है।
जेल में कैदी रखने की क्षमता तकरीबन 1500 है लेकिन इस समय जेल में 2000 से अधिक कैदी व हवालाती बंद हैं। जेल की सुरक्षा में करीब 400 मुलाजिम तैनात हैं। जेल परिसर के अंदर जेल विभाग के मुलाजिम तैनात हैं। जेल के टावर पर होमगार्ड के मुलाजिम पहरा देते हैं। जेल के मुख्य गेट पर पेस्को कंपनी के मुलाजिम ड्यूटी देते हैं। ऐसे में जेल से कैदियों की फरारी की घटना सुरक्षा प्रबंधों पर बड़े सवाल खड़ा कर रही है।