पुलिस ने दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे से जिस दंपति को करोड़ों की स्मैक समेत धरा था, जांच में अब सामने आया है कि यह दंपति एक पेशेवर अंतरराज्यीय स्मगलर गिरोह का कोरियर है। यह गिरोह पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, एमपी, यूपी, महाराष्ट्र, मुंबई तक नशों का कारोबार कर रहा है।
आईजी पटियाला जोन ने बताया कि 22 अप्रैल को थाना शंभू पुलिस ने दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे पर बपरौर गांव के नजदीक नाकाबंदी दौरान एक बस से उतरे नौजवान जोड़े के बैग से चार किलो स्मैक बरामद की थी। आरोपियों की पहचान नईम निवासी गाजियाबाद व उसकी पत्नी मुमताज के तौर पर हुई थी। जोड़े से बरामद स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत कई करोड़ों में होने के कारण जब पुलिस ने जांच की तो पाया गया है कि स्मैक समेत पकड़ा गया जोड़ा एक पेशेवर अंतरराज्यीय स्मगलर गिरोह का कोरियर है। यह गिरोह पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, एमपी, यूपी, महाराष्ट्र, मुंबई तक कारोबार कर रहा है।
जब पटियाला पुलिस की विभिन्न पार्टियों की ओर से उस जगह जहां गैंग शुरू होता है जांच की गई तो सामने आया कि गांव पलियाखेड़ी जो राजस्थान-एमपी के बार्डर पर पड़ा है, जहां की करीब 350 की एक विशेष जाति की आबादी अफीम में केमिकल डालकर स्मैक तैयार करने की महारत हासिल कर चुकी है। इस गांव के साथ ही एमपी में गांव सामगढ़ व गांव गरोट पड़ते हैं व इन इलाकों में अफीम की कानूनन खेती की जाती है। इस खेती में से चोरी-छिपे अफीम बचाकर व निकाल कर यहां के निवासी स्मैक तैयार करते हैं। जो स्मैक आगे दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, यूपी और मुंबई, कर्नाटका तक सप्लाई की जाती है।
जांच में यह बात भी सामने आई है कि गांव पलियाखड़ी के लोग पुराने समय से कंबल व जैकेटों व अन्य होजरी के सामान का व्यापार करते हैं। उतर भारत में होजरी की हब लुधियाना होने के कारण इनका नेटवर्क लुधियाना व पंजाब के अन्य शहरों में बना हुआ है। जिसकी मदद से यह होजरी के इस व्यापार दौरान ही कंबलों में लपेट कर अफीम व स्मैक की स्मगलिंग में लगे हुए हैं।
होमगार्ड का जवान भी गैंग के साथ करता है स्मगलिंग
आईजी ने आगे बताया कि इन इलाकों से पटियाला पुलिस ने स्थानीय थाने में तैनात होमगार्ड जवान संजय कुमार निवासी गांव बोरखेड़ी थाना रतलई जिला झालादार राजस्थान व उसके साथी मोहन लाल निवासी पलियाखेड़ी थाना भवानी मंडी जिला झालवाड़ राजस्थान को गिरफ्तार करके लाया है। इस गैंग के पंजाब में खरीददारों अवतार सिंह निवासी पखोके थाना सदर तरनतारन को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में यह बात सामने आई है कि एमपी का होमगार्ड जवान संजय कुमार दो साल पहले जालावाड जेल में तैनात था। इसी जेल में मुख्य सरगना मांगे लाल निवासी राजस्थान भी बंद है। जिसके साथ मेल जोल बढ़ाकर होमगार्ड का यह जवान खुद भी स्मगलर गैंग में शामिल हो गया था। जो पुलिस थाने में तैनाती का फायदा लेकर इस तरफ स्मगलरों की सूचनाओं के आधार पर मदद करता था।
दूसरी तरफ वर्दी डालकर दिल्ली, पायल (लुधियाना) तक बड़ी स्मैकों की खेप खुद साथ आकर भी पहुंचा जाता था। जांच में यह बात भी सामने आई है कि इनके साथ सामगढ़ और गरोट इलाकों के तीन-चार अन्य स्मगलर भी मिले हुए हैं, जो भी इसी तरह से अन्य राज्यों में जिला मनसूर में स्मैक तैयार करके स्मैक की और चोरी-छिपे निकाली अफीम की सप्लाई करते रहे हैं। इस गैंग के अब तक पांच मेंबर गिरफ्तार किए जा चुके हैं। कइयों की आगे तलाश जारी है।