शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) सुप्रीमो सिमरनजीत सिंह मान ने सरबत खालसा द्वारा चुने गए जत्थेदारों भाई बलजीत सिंह दादूवाल (जत्थेदार तख्त श्री दमदमा साहिब) और भाई अमरीक सिंह अजनाला को (जत्थेदार तख़्त श्री केसगढ़ साहिब) समेत पंजाब भर से सरबत खालसा और अकाली दल मान से जुड़े सिख नेताओं को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने पर कड़ा नोटिस लिया है।
मिली जानकारी अनुसार फतेहगढ़ साहिब पुलिस ने बीती रात भाई बलजीत सिंह दादूवाल और भाई अमरीक सिंह अजनाला को फतेहगढ़ साहिब में एक कीर्तन दीवान की समाप्ति के बाद गिरफ्तार कर लिया था। जिसमें दादूवाल को ज्योति स्वरूप गुरुद्वारा के पास से और अजनाला को गांव तलानियां से गिरफ्तार किया गया था। इन दोनों को शहीदी जोड़ मेल के नगर कीर्तन की समाप्त होने के बाद छोड़ दिया है।
पंथक फ्रंट के बैनर तले गत 26 दिसंबर को सिमरनजीत सिंह मान ने शहीदी कांफ्रेंस बुलाई। जिसमें सरबत खालसा से जुड़ी सभी धार्मिक जत्थेबंदियों ने फैसला किया कि इस बार गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब से निकलने वाले नगर कीर्तन की समाप्ती पर ज्योति स्वरूप गुरुद्वारा साहिब से अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह की बजाय सरबत खालसा द्वारा नियुक्त किए गए कार्यकारी जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल और अमरीक सिंह अजनाला सिख कौम के नाम संदेश देंगे।
हरकत में आई सरकार और एसजीपीसी ने अकाल तख्त के मौजूदा जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह की बजाय श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह ने सिख कौम के नाम संदेश जारी करवाना ठीक समझा। जिक्र योग्य है कि पिछले साल श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी होने से नाराज सिख जत्थेबंदियों ने फतेहगढ़ साहिब में नगर कीर्तन की समाप्त होने के बाद पूर्व एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ के बोलने पर हूटिंग शुरु कर दी थी और ज्ञानी गुरबचन सिंह सिख कौम के नाम संदेश नहीं दे सके थे। इसे लेकर सरबत खालसा के कुछ नेताओं ने बताया कि अगर जत्थेदार गुरबचन सिंह इस बार सिख कौम के नाम संदेश देेते तो उनका विरोध होना था।
इन लोगों को किया नजरबंद
मान ने जानकारी दी कि होशियारपुर से पार्टी के जिलाध्यक्ष अवतार सिंह खख, पट्टी से सिकंदर सिंह वराना, अमृतसर से अमरीक सिंह नंगल, गुरवतन सिंह मुकेरियां, गुरबिन्दर सिंह जोली गुरदासपुर, सतनाम सिंह पठानकोट, हरबंस सिंह पैली नवांशहर, मनजीत सिंह मल्ला मोगा, हरपाल सिंह कुस्सा मोगा, हरभजन सिंह कश्मीरी पटियाला, मनजीत सिंह रेरू जालंधर, रजिन्दर सिंह फौजी कपूरथला, सूबेदार मेजर सिंह जालंधर, जगजीत सिंह राजपुरा, रजिन्दर सिंह जवाहर के मानसा, बलविंदर सिंह मंडेर मानसा, परमिंदर सिंह बाल्यांवाली बठिंडा आदि नेताओं को गिरफ़्तार किया गया था।