जिला पुलिस ने एक ऐसे लुटेरे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बैंकों में लेनदेन करने वाले लोगों पर नजर रखते थे और बाद में उनका पीछा करके उन्हें लूट लेते थे।
पुलिस ने इस गिरोह के चार सदस्यों को नाकाबंदी करके काबू किया है। पुलिस ने इनसे एक कार, चार मोटरसाइकिल, तेरह मोबाइल फोन, 10 लाख 76 हजार रुपये नकद, तीन पिस्टल 32 बोर सहित दस कारतूस, एक पिस्तौल 315 बोर सहित दो कारतूस सहित बरामद किए हैं। उक्त लुटेरे गिरोह के सदस्यों ने पंजाब के कई जिलों में लूट की वारादात को अंजाम दिया है।
बुधवार को स्थानीय पुलिस लाइन में पटियाला रेंज के आईजी परमजीत सिंह गिल ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सीआईए स्टाफ बहादरसिंहवाला के इंचार्ज गुरमेल सिंह ने गुप्त सूचना के आधार पर गांव भलवान के पास नाकाबंदी की।
इस दौरान सिल्वर रंग की एसेंट कार में सवार कुलविंदर सिंह, हैप्पी सिंह, बसंत सिंह और गोबिंद सिंह को काबू किया गया। उनके खिलाफ धूरी सदर थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस जांच के दौरान उक्त व्यक्तियों से दस लाख 76 हजार रुपये नकद, सुरेश कुमार के हस्ताक्षरों वाले तीन चेक, तेरह मोबाइल और चोरी किए चार मोटरसाइकिल बरामद किए।
आईजी गिल ने बताया कि पूछताछ दौरान यह बात सामने आई कि पुलिस द्वारा बरामद की कार को उक्त व्यक्तियों ने पातड़ा से लूट के पैसों से खरीदा। उन्होंने नाजायज असलहा खरीदकर अपना गिरोह बना लिया।
यह करीब चार महीने से वारदात करने से पहले बैंकों में जाकर पैसों का लेनदेन करने वाले व्यक्तियों पर नजर रखते थे और बाद में उनका पीछा करके रास्ते में लूट की वारदात को अंजाम देते थे।
उन्होंने बताया कि यह गिरोह मानसा जिले में बुढलाडा, मानसा, बठिंडा जिले में मौडमंडी, संगरूर जिले में लहरा, मूनक, सुनाम और पटियाला जिले के समाना, पातड़ा, नाभा में विभिन्न बैंकों में रेकी करते रहे।
गिरोह का सदस्य गोबिंद सिंह राजस्थान के जिला कोटा से फिरौती मांगने के मामले में चार साल से भगोड़ा है।