आम लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए युवाओं के संगठन मुसाफिर ग्रुप की ओर से आयोजित एक जलसे पर हमला करने और प्रबंधकों की पिटाई करने का मामला पुलिस के पास पहुंचा है। पुलिस ने मामले में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के प्रधान मोहम्मद साकिब समेत तीस हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
शिकायतकर्ता मोहम्मद इरशाद और मुसाफिर ग्रुप के प्रधान अब्दुल सत्तार ने आरोप लगाया कि उनका संगठन गैर राजनीतिक है। जलसे पर एनएसयूआई के प्रधान और उनके साथियों ने हमला कर दिया।
जलसे का वीडियो बना रहे कार्यकर्ता का कैमरा तोड़ दिया गया और प्रबंधकों की स्टेज पर पिटाई की गई। डीएसपी मालेरकोटला गुरप्रीत सिंह ने बताया कि आरोपों की हकीकत जानने के लिए पुलिस मुस्तैद है। कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।
मालेरकोटला कांग्रेस का कहना है कि आरोप लगाने वाले युवा खुद से निराश हैं और मालेरकोटला के सत्ताधारियों के इशारे पर कांग्रेस को निशाना बनाया जा रहा है।
मुसाफिर ग्रुप के सदस्यों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देने खुद कांग्रेस की टीम प्रेस कांफ्रेंस स्थल पर पहुंची थी।
पक्ष रखते हुए पंजाब कांग्रेस के सदस्य गुलाम हुसैन, यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव फारूक अंसारी, बलाक कांग्रेस अध्यक्ष बेअंत किंगर और पार्षद सचिन कुमार ने कहा कि अकाली दल के इशारे पर ही झूठे आरोप लगाकर कांग्रेस को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कभी किसी जलसे का विरोध नहीं किया।